गुजरात में मूंगफली की बोआई 11 साल के उच्च स्तर पर

हमारे संवाददाता
राजकोट। गुजरात में चालू खरीफ सीजन में मूंगफली की बोआई अब तक 11 साल की ऊंचाई पर पहुंच गई है। मूंगफली के भाव ऊंचे होने,अच्छी बारिश एवं पानी की उपलब्धता बढ़ने से किसानों ने राज्य में मूंगफली की रिकॉर्ड बोआई की है। राज्य में 6 जून 2020 तक 1827519 हैक्टेयर में मूंगफली की बोआई हो चुकी है जो पिछले तीन साल के औसत 1540078 हैक्टेयर की तुलना में 18 फीसदी अधिक है। गुजरात में वर्ष 2009 में 18.22 लाख हैक्टेयर में मूंगफली की बोआई हुई थी। समूचे देश में 3 जुलाई तक मूंगफली की बोआई तकरीबन 25 लाख हैक्टेयर में हुई है। मूंगफली के भाव ऊंचे होने से किसानों ने कैस्टर एवं कपास के बजाय पहली प्राथमिकता मूंगफली की बोआई को दी है। 
गुजरात के हाजिर बाजारों में मूंगफली के भाव 5555 रुपए प्रति क्विंटल चल रहे हैं जबकि इसका एमएसपी सीजन वर्ष 2019-20 के लिए 5090 रुपए है। सीजन वर्ष 2020-21 के लिए एमएसपी 5275 रुपए प्रति क्विंटल तय किया गया है। मूंगफली के दाम खुले बाजार में एमएसपी से ऊंचे होने की वजह से किसान इसे वरीयता दे रहे हैं। बता दें कि पिछले सीजन में मूंगफली के दाम ऊपर में 6255 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच गए थे। 
राज्य में कैस्टर की बोआई 6 जुलाई तक केवल 1927 हैक्टेयर में हुई है जबकि इसका तीन साल का औसत 623291 हैक्टेयर है। हाजिर में कैस्टर का भाव 3830 रुपए प्रति क्विंटल है जो दिसंबर 2019 में 4379 रुपए प्रति क्विंटल था। कपास की हालत देखी जाए तो इसका हाजिर भाव 3880 रुपए प्रति क्विंटल चल रहा है जो मीडियम स्टेपल क्वॉलिटी के एमएसपी 5515 रुपए की तुलना में काफी कम है। राज्य में 6 जुलाई तक 1825276 हैक्टेयर में कपास की खेती हुई है जबकि तीन साल का औसत 2672892 हैक्टेयर है।

© 2020 Saurashtra Trust

Developed & Maintain by Webpioneer