कपड़े का मात्र तीस प्रतिशत उत्पादन

हमारे संवाददाता
कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रभाव से हैरान करनेवाला विचारणीय दृश्य उपस्थित हो गया है। कुछ दु:खद घटनाओं ने चिन्ता की घटाओं को और घनघोर कर दिया है। मरीजों की संख्या वृद्धि से जो स्थिति बनी है, भयावहता को काफी कुछ बढ़ावा मिला है। वैसे प्रबुद्ध जन, संस्था में और प्रगतिशील सेवा भावी प्रशासन के साथ मिल कर आवश्यक सावधानियां नियमित निरंतर बरतने हेतु शिक्षित करने में अग्रसर हø। सेवा समर्पित यौद्धाओं का सम्मान, अभिनन्दन कर उनकी कर्तव्यपरायणता को नमन का अध्याय भी प्रेरक दृष्टिगोचर हो रहा है। बदलती इन परिस्थितियों से औद्योगिक, व्यावसायिक और सामान्य जनजीवन प्रभावित है। इतना होने पर भी निष्क्रयता समाप्त होकर कार्य गति की ओर अग्रसर है। औद्योगिक क्षेत्र की विरानी छंट गई है और लगभग तीस प्रतिशत उत्पादन होने के समाचार है। आगे बरसात की सीजन के कारण उद्यमी उत्पादन लेने में सक्रिय है। कोरोना का प्रचण्ड वेग न हो तो उत्पादन काफी बढ़ सकता है। औद्योगिक क्षेत्र के कारखानोंवालों ने पूरी सतर्कता करे अमल में लाने के खाके के साथ कार्य प्रारंभ को अमलीजामा पहिनाया है। मास्क, हैण्ड सेनिटराईजर, डिस्टेन्सिंग आदि चैकिंग प्रक्रिया से काम करनेवालों को सुरक्षा का एहसास हो सके। समझाईस के तौर तरीके पूरे एहतियात के साथ काम में लिये जा रहे हø, इसके बाद भी परहेज से गुरेज करने वाले भी दिख जाते हø।

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