अर्थव्यवस्था की गाड़ी पटरी पर आ रही है...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'इंडिया ग्लोबल वीक- 2020'  सम्मेलन का उद्घाटन  करते हुए विश्व के उद्योग-पूंजीपतियों को भारत में पूंजी निवेश करने का आव्हान किया है और कहा है कि भारत अब परिवर्तन और परिणाम के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मूलभूत सुधार कर अर्थतंत्र को पूंजी- निवेश के लिए अधिक आकर्षित बनाया गया है। अर्थतंत्र में कोंपले- अंकुर स्पष्ट दिख रहे हैं। 
अर्थतंत्र की आशा के लिए कारण है। मात्र महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था में जून महीने में ही उल्लेखनीय सुधार हुआ है। सरकार की आय- राजस्व मई महीने में दस हजार करोड़ रु. हुई, अप्रैल में 11,500 करोड़ रु. था जो बढ़कर जून में उन्नीस हजार दो सौ करोड़ रु. हो गया है। इसमें से 10,400 करोड़ रु. (54%) मात्र जीएसटी की आय है।   
राजस्व में वृद्धि- अर्थव्यवस्था के सुधार का प्रमाण है। 3 महीने के लॉकडाउन के बाद जो चरणबद्ध रूप से छूट दी जा रही है, उसके कारण अब जुलाई में भी उल्लेखनीय वृद्धि होने का विश्वास है। आबकारी शुल्क भी- आय महीने  में 460 करोड़ रु. था, जो जून में बढ़कर 737 करोड़ रु. हो गया है। 
महाराष्ट्र राष्ट्रीय अर्थतंत्र के इंजन के समान है। अन्य राज्यों में भी लॉकडाउन में छूट मिलते ही आर्थिक प्रवृत्ति गति पकड़ रही है। अतिथि कामगार- कारीगर भी पुन: वापस आ रहे हैं। इन्हें वापस लाने के लिए विमान और ट्रेन से यात्रा की व्यवस्था की जा रही है जो द्योतक है। 
कुल मिलाकर अर्थव्यवस्था की गाड़ी पटरी पर आ रही है, हालांकि ऐसा माना जा रहा है कि गति पकड़ने में अभी तीन महीने लगेगा। प्रधानमंत्री ने गरीब कल्याण योजना के तहत अनाज- राशन नवंबर तक देने की घोषणा की है, इसके पीछे दीपावली- छठ की पूजा और बिहार के चुनाव के बाद अर्थव्यवस्था गतिशील होगी, ऐसा अनुमान है।  
कोरोना वायरस का समाचार पिछली- दूसरी पंक्ति में आ गया है। महामारी अब नियंत्रण में आ रही है और महानगर मुंबई में लोकल ट्रेन 15 अगस्त के बाद चलेगी तो लोग अनुशासन का पालन करेंगे तो ही अर्थव्यवस्था की गाड़ी भी गति पकड़ेगी। 
इस बीच- राजीव गांधी फाउंडेशन को चीन से बड़ी रकम का अनुदान- 2005 - यूपीए की सरकार के समय मिला था- इसका उपयोग भारत- चीन के बीच मुक्त व्यापार का वातावरण स्थापित करने के लिए होने की बात मानी जा रही है और चीन को भारत में पर्याप्त लाभ मिला है। इसके बाद एनडीए सरकार और मोदी द्वारा 'मेक इन इंडिया' का सूत्र और नीति घोषित होने के बाद राजीव फाउंडेशन ने चीन में भारत का निर्यात बढ़ाने की बात अध्ययन करने पर 2018- 2019 में 34 लाख आबंटित किया गया- लेकिन मात्र 13 लाख का उपयोग हुआ- सत्ता परिवर्तन होने के बाद कांग्रेस ने बात को संभालने- और सरकार की आंख में पट्टी बांधने का प्रयास किया है, लेकिन अब राजीव गांधी फाउंडेशन के अलावा राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट और इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्रस्ट के कोष की भी जांच हो रही है। कालेधन- मनी लॉन्डरिंग की जांच करने के लिए नियुक्त समिति के अध्यक्ष विवेक वाडेकर- इंडियन रेवेन्यू  सर्विस के अनुभवी अधिकारी हैं। यूपीए शासन में 3600 करोड़ रू. के ऑगस्ता- वेस्ट लैंड हेलीकाप्टर के सौदे सहित अन्य शंकास्पद सौदों की जांच भी वाडेकर कर रहे हैं। 
सरकार के सामने उल्टा प्रहार करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में आवेदन किया गया हैं कि एनडीए सरकार ने 'प्राइम मिनिस्टर केयर्स' अलग कोष क्यों शुरू किया है? 
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