हीरा उद्योग के नए समीकरण सूरत में रफ हीरे की सीधी बिक्री शुरू

हीरा उद्योग के नए समीकरण सूरत में रफ हीरे की सीधी बिक्री शुरू
रफ की खरीदी में सूरत और पॉलिश्ड हीरे के निर्यात में मुंबई की मोनोपोली
हमारे प्रतिनिधि 
मुंबई । कोरोना की महामारी ने अच्छे-अच्छे महारथियों को झुकाया है। इसका ताजा में ताजा उदाहरण डायमंड कंपनियां अलरोसा और डी-बियर्स है। यह कंपनियां अभी तक ग्राहकों को बुलाकर हीरे बेचती थी, लेकिन यह दिन तेजी से भूतकाल बनते जा रहे हैं। हीरे की खाने रखने वाली इन दो बड़ी कंपनियों ने अपने भारतीय सहयोगियों के साथ मिलकर सूरत में टेंडर द्वारा करोड़ों रुपए के रफ की बिक्री की है। 
सूरत में टेंडर द्वारा कुछ दिन पहले रफ हीरे की बिक्री सफलतापूर्वक हुई, उसके बाद ऐसी बिक्री बारंबार आयोजित होती रहेगी, एक बाजार सूत्र ने यह जानकारी दी। हीरे की खान रखने वाली 8 से 10 अंतरराष्ट्रीय कंपनियां अब भारत में आकर अपने रफ हीरे की नीलामी करेंगी। इसमें सूरत का दबदबा रहेगा क्योंकि उसके कारखानों के मालिक रफ की बड़े पैमाने पर खरीदी करते हैं। मुंबई को यह दर्जा निकट भविष्य में मिलने की संभावना नहीं है क्योंकि यहां कुछ ही प्रकार के हीरे की कटिंग,पॉलिशिंग होती है। हालांकि हीरे के निर्यात में उसका मोनोपोली दर्जा बरकरार रहेगा। विश्व में 90% से अधिक रफ हीरे की कटिंग और पॉलिशिंग करने वाले भारत में  आयातकों को रफ हीरे की आपूर्ति प्राप्त करने के लिए बोत्सवाना और रशिया तक जाना पड़ता था। 
अब सरकार द्वारा विदेश की खान कंपनियों को रफ हीरा भारत में टेंडर द्वारा बेचने की छूट देने से आयातक  इच्छित माल देश में ही खरीद सकेंगे। बाजार के सूत्रों ने कहा कि कोविड-19 के कारण रफ हीरे की बिक्री करती सबसे बड़ी कंपनी बीटीसी और अलरोसा की बिक्री घट गई है और छोटी हीरे की खाने बंद हो गई है। सबसे अधिक रफ हीरा  भारत में बिकता है। तैयार हीरा सबसे अधिक खरीदने वाला अमेरिका है, वहां भी कोरोना और अंतर विग्रह के कारण कारोबार ठंडा है। 
अब हीरा उद्योग को रफ हीरा खरीदने के लिए एंटवर्प या दुबई नहीं जाना पड़ेगा और उनको घर बैठे रफ  हीरा मिलेगा, जिससे हीरा उत्पादकों को प्रीमियम या ब्याज नहीं अदा करना पड़ेगा तथा माल बदल जाने का डर भी नहीं रहेगा। छोटे उत्पादक से लेकर बड़े उत्पादक तक को एकसमान भाव पर रफ हीरा मिलेगा। 
नाइन डीएम के चेयरमैन संजय शाह ने इस परिवर्तन का स्वागत करते हुए कहा कि उत्पादकों को देश में ही रफ हीरा नीलामी से मिलने से पॉलिश्ड हीरे का भाव घटेगा। बड़े उत्पादकों की स्पर्धा में छोटे उत्पादक तैयार माल की बिक्री कर सकेंगे। पारसमणि के जयंतीलाल शाह ने कहा कि खान कंपनियां भारतीय उत्पादकों को रफ हीरा बिचौलियों के बगैर भारत आकर बेचेंगे, जिससे छोटे उत्पादकों को काफी फायदा होगा।

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