केद्र व राज्यों के बीच जीएसटी क्षतिपूर्ति मसले पर गतिरोध

राज्यों को जीएसटी क्षतिपूर्ति के लिए कई विकल्पों पर हो रहा विचार
हमारे संवाददाता
नई दिल्ली । केद्र सरकार की तरफ से राज्यों को दिए जाने वाले जीएसटी क्षतिपूर्ति को लेकर गतिरोध कायम है।चूंकि राज्य सरकारें कोरोना महामारी काल के वित्तीय सहायता के लिए क्षतिपूर्ति की मांग कर रहे हø।वहीं अप्रैल व मई में जीएसटी वसूली में भारी गिरावट के चलते केद्र सरकार भी क्षतिपूर्ति की भरपाई करने की स्थिति में नहीं है।ऐसे में कई विकलzिंाzं पर विचार किया जा रहा है।ऐसी स्थिति में जीएसटी कानून के तहत जीएसटी वसूली में 14 प्रतिशत तक की बढोतरी नहीं होने पर राज्य के हिस्से के राजस्व की भरपाई केद्र सरकार करेगी।
दरअसल गुड्स एण्ड सर्विस टैक्स (जीएसटी) काउंसिल की बैठक जून में हुई थी जिसमें राज्यों ने यह मुद्दा उठाया था कि क्या राज्यों के क्षतिपूर्ति के लिए जीएसटी' कांउसिल उधार ले सकती है।बहरहाल जीएसटी काउंसिल द्वारा उधार लिए जाने से पहले जीएसटी काउंसिल की वैधानिक शक्तियों की समीक्षा करना आवश्यक समक्षा जा रहा है।ऐसे में अब इस बात पर सवाल उठ रहे हø कि जीएसटी काउंसिल को उधार लेने का अधिकार है या नहीं है।इस बात की समीक्षा की जा रही है कि जीएसटी काउंसिल यदि उधार लेती है तो उसकी गारंटी कौन लेगा जिसकी सॉवरेन गारंटी क्या होगी।यद्यपि जीएसटी की वसूली बढाने के लिए जीएसटी काउंसिल की अगली बैठक में रेडीमेड गारमेंट और लेदर उत्पाद जैसी वस्तुओं पर जीएसटी की दरों में बढोतरी पर विचार किया जा सकता है।चूंकि जीएसटी काउंसिल की जून की बैठक में ही इन वस्तुओंं की दरों में बढोतरी का फैसला किया जाना था बहरहाल चुनिंदा राज्यों के विरोध के चलते ऐसा नहीं हो सका था।ऐसे में कई राज्य अब भी इन वस्तुओं पर जीएसटी की दरों में बढोतरी का विरोध करेंगे।जिसको लेकर कहा जा रहा है कि वस्तुओं की खपत में बढोतरी पर ही जीएसटी वसूली में वृद्वि होगी।सिर्फ जीएसटी की दरों में बढोतरी से जीएसटी की वसूली नहीं बढेगी।वैसे भी कोरोना महामारी के चलते अगले छह-सात महीनों तक खपत में बढोतरी की संभावना नहीं दिख रही है।ऐसे में इस बात की भी संभावना तलाशी जा रही है कि राज्य अभी बाजार से उधार लेकर अपना काम चला ले जिसे जीएसटी काउंसिल बाद में चुकता करेगी।इसीबीच केद्र सरकार के अटॉर्नी जनरल की तरफ से कहा गया है कि जीएसटी क्षतिपूर्ति की राज्यों को भरपाई करना केद्र सरकार की बाध्यता नहीं है।इसकी भरपाई के लिए उचित फैसला लेना जीएसटी काउंसिल का काम है।जिसके तहत जीएसटी काउंसिल की इस वर्ष मार्च में हुई बैठक के बाद केद्र सरकार ने इस संबंध में ऑटर्नी जनरल के.के.वेणुगोपाल से इस बारे में राय मांगी थी।जिसको लेकर केद्र सरकार ने पूछा था कि जीएसटी क्षतिपूर्ति के लिए जीएसटी काउंसिल द्वारा बाजार से उधारी ली जा सकती है या नहीं।जिसको लेकर वेणुगोपाल ने अपनी राय में कहा था कि इसकी भरपाई केद्र सरकार की बाध्यता नहीं है।इस बारे में आखिरकार जीएसटी काउंलिस को ही निर्णय लेना है।उल्लेखनीय है कि वित्त वर्ष 2019-20 में राज्यों को क्षतिपूर्ति के तौर पर 1.65 लाख करोड़ रुपए दिए गए थे।वहीं सेस से कमाई 95,444 करोड़ रुपए की रही थी।

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