चीन को एक और झटका कलर टीवी के आयात पर नियंत्रण

चीन को एक और झटका कलर टीवी के आयात पर नियंत्रण
नई दिल्ली। सरकार ने चीन को एक और झटका देते हुए रंगीन टेलीविजन सेट के आयात पर नियंत्रण लगा दिया है। इस मकसद घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देना और दूसरे देशों खासकर चीन से रंगीन टीवी के आयात को हतोत्साहित करना है। डीजीएफटी ने एक अधिसूचना में कहा कि कलर टेलीविजन की आयात नीति में बदलाव किया गया है। इस अब मुक्त से प्रतिबंधित कैटगरी में डाल दिया गया है। 
किसी सामान को प्रतिबंधित कैटगरी में डालने का मतलब है कि उस सामान का आयात करने वाले को इसके लिए डायरेक्टर जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (डीजीएफटी) से लाइसेंस लेना होगा। डीजीएफटी वाणिज्य मंत्रालय के तहत आता है। भारत में सबसे अधिक टीवी सेट चीन से ही आयात किए जाते हैं। सरकार के इस कदम के बाद अब चीन को तगड़ा झटका लगना तय है। 
नियंत्रण रेखा पर भारत चीन की आक्रामकता का सख्ती से जवाब तो दे ही रहा है, अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर भी उसे करारा जवाब दिया जा रहा है। सरकार ने सरकारी खरीद में चाइनीज कंपनियों की एंट्री बैन कर दी है। मतलब, केंद्र और राज्य सरकार की तरफ से किसी भी तरह की सरकारी खरीद में चाइनीज कंपनियां बोली में शामिल नहीं हो सकती हैं। एलएसी पर तनाव से पहले ही अप्रैल में भारत ने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (इ।़I) से जुड़े नियमों में बदलाव किया था ताकि कोरोना महामारी से पैदा हुए नाजुक हालात का फायदा उठाकर चीनी कंपनियां घरेलू कंपनियों का अधिग्रहण न कर लें। 
राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए सरकार टिकटॉक, हेलो, यूसी ब्राउजर जैसे चीन के 59 मोबाइल ऐप्स पर बैन लगा चुकी है। हाल में कुछ और ऐप्स को भी बैन किया गया है। भारत में इनके करोड़ों यूजर्स थे। बैन से चीन को तगड़ा झटका लगा है और उसने खुद स्वीकार किया है कि इससे उसे अरबों रुपये का नुकसान होगा। साथ ही चीनी कंपनियों के कई ठेके रद्द हुए हैं।

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