किराए के कारोबारी प्रतिष्ठानों एवं कार्यालय पर दोगुने प्रॉपर्टी टैक्स के प्रस्ताव का भारी विरोध

किराए के कारोबारी प्रतिष्ठानों एवं कार्यालय पर दोगुने प्रॉपर्टी टैक्स के प्रस्ताव का भारी विरोध
दक्षिण दिल्ली नगर निगम
हमारे संवाददाता
नई दिल्ली । दक्षिण दिल्ली नगर निगम द्वारा स्वरोजगारत लोगों पर पेशवर फीस के नाम पर टैक्स लगाने सहित किराए की कारोबारी प्रतिष्ठानों और कार्यालयों पर दोगुना प्रॉपर्टी टैक्स लगाने तथा प्रॉपर्टी स्थानांतरण करने पर एक नया टैक्स लगाने का प्रस्ताव किया है।जिसको लेकर कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने भारी विरोध जाते हुए इसे दक्षिण दिल्ली नगर निगम का बर्बरतापूर्ण कदम बताया है जो कि दिल्ली के बचे खुचे व्यापार के अस्तित्व को चौपट कर  देगा।ऐसे में कैट ने इस प्रस्ताव को अविलम्ब वापस लेने की मांग की है और कहा है कि यदि दक्षिण दिल्ली नगर निगम द्वारा यह प्रस्ताव वापस नहीं लिया गचा तो दिल्ली के व्यापारियों को इस निर्मम,गैर जरुरी और अनावश्यक प्रस्ताव के खिलाफ आंदोलन करने पर मजबूर होना पड़ेगा।
कैट के राष्ट्रीय महामंत्री श्री प्रवीन खंडेलवाल ने दक्षिण दिल्ली नगर निगम के इस प्रस्ताव पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कोरोना महामारी के चलते दिल्ली का कारोबार पहले से ही कठिनाई के दौर में है जिसके तहत दुकानें खुली होने के बावजूद भी कोरोना के भय से बाजारों में ग्राहक बहुत ही कम रह गए हø।ऐसे में दिल्ली के कारोबारियों को कारोबार संचालित करना बेहद मुश्किल हो गया है।ऐसे में दक्षिण दिल्ली नगर निगम के इस बेतुके प्रस्ताव लाया है जिससे दिल्ली के व्यापारियों पर आर्थिक बोझ बढेगा।उन्होंने कहा कि लॉकडाउन में बंद रही दुकानों को किराए में कोई छूट नहीं मिली है।जिसके चलते दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में अनेकों दुकानें और कार्यालय धीरे धीरे बंद हो रहे हø और व्यापारियों की आर्थिक हालत पस्त हो चुके हø।ऐसे में दक्षिण दिल्ली नगर घ्पदम का यह प्रस्ताव बेमानी है।जिसको लेकर हर हाल में दक्षिण दिल्ली नगर निगम को यह प्रस्ताव वापस लेना होगा अन्यथा दिल्ली के व्यापारियों को लामबंद होकर उग्र आंदोलन करना पड़ेगा जिसका खामियाजा दक्षिण दिल्ली नगर निगम उठाना पड़ेगा।  

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