चीन के सामने भारत की चाणक्य नीति सफल

चीन के प्रमुख शी जिनपिंग के सामने हमने चाणक्य- नीति अजमाकर सफलता प्राप्त की है। कोरोना महामारी के संकट में लद्दाख सरहद पर दादागीरी का जवाब देने के लिए हम सावधान और सज्ज हैं, यह साबित करने के लिए हम तैयार हैं। रक्षा के लिए हमारे साथ अमेरिका हैं और जापान, फ्रांस तथा अन्य देशों के साथ रक्षा करार हुआ है। इसके बावजूद आगामी महीनों में चीन आक्रमण करे तो उसे भारी पड़ेगा। भारत द्वारा चीन के अर्थतंत्र के खिलाफ मोर्चा खोलने के बाद अब अमेरिका ने अनुसरण किया है और अन्य देशों ने भी कहा है कि चीन कि कंपनियों को देश से निकालो। अब चीन को अर्थतंत्र की मंदी का भय भी लग रहा है। महामारी पैदा कर राजनितिक, सैन्य विस्तारवाद का- लाभ उठाने वाले चीन को अब महामारी का 'विपरीत-असर' हो रहा है। टीका- वैक्सीन बनाने में बाजी मारने का श्रेय भी लेता है लेकिन रशिया ने चीन के बजाए भारत की भागीदारी पसंद की है, जो उल्लेखनीय है। रशिया  चीन को समझाता है- और भागीदारी का स्पष्ट संकेत है। डिप्लोमेसी में भारत ने चीन को मात दिया है- चेकमेट किया है! 
स्थानीय में मुख्य विपक्ष- कांग्रेस को राष्ट्रहित की परवाह नहीं- चीन की आलोचना करने और भारत सरकार का समर्थन करने के लिए शब्द नहीं- लेकिन मोदी सरकार की कठिनाई बढ़ाने और लोगों का उत्साह बढ़ाने के बदले गुस्सा बढ़ाने का प्रयास हो रहा है!  
महाराष्ट्र में राष्ट्रीय समस्या के बदले निम्नस्तर की राजनीति हो रही है। एक आशास्पद युवा अभिनेता और अभिनेत्री के नाम पर विवाद शुरू कर बिहार, बंगाल और हिमाचल प्रदेश में महाराष्ट्र की बदनामी हो रही है। ड्रग माफिया की पकड़ बॉलीवुड के बाद `पॉलीवुड' पर है? 
सोमवार से संसद का वर्षा सत्र शुरू हो रहा है उसमें उपरोक्त विषय उठाये जायेंगे- सरहद की स्थिति, महामारी और बेरोजगारी- अर्थतंत्र की मंदी का जवाब सरकार को देना होगा- कांग्रेस प्रश्नोत्तरी के समय की मांग कर रही है लेकिन प्रश्न तो पूछा जायेगा और चर्चा भी होगी। 
संसदीय इतिहास में वर्षा सत्र अनोखा दर्ज होगा। सदस्यों की चिकित्स्कीय जांच, आने- जाने के मार्ग निश्चित और मर्यादित। सदस्यों की बैठक गृह के अलावा गैलरियों में भी होगी। सामान्य परिस्थितियों में सदस्यों की संख्या बढ़ने के बाद बैठने में असुविधा होती है- वर्तमान परिस्थिति में सुगमता है- सदस्यों को संवाद- विवाद में संयम बरतने में स्पीकर साहब को काफी कठिनाई होती है- इस बार हुड़दंग नहीं पर मुंह पर पट्टी जरूर होगी। उत्तेजना में स्पीकर की तरफ अथवा अन्य सदस्यों के सामने आने की जरूरत नहीं रहेगी- राहुल गांधी अब अचानक दौड़कर गले नहीं मिल सकेंगे- शारीरिक (सामाजिक नहीं)  अन्तर अनिवार्य है ।

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