चीनी का निर्यात 60 लाख टन होने की उम्मीद

चीनी का निर्यात 60 लाख टन होने की उम्मीद
हमारे संवाददाता
नई दिल्ली । कोरोना महामारी के बावजूद चालू चीनी मौसम 2019-20 (अक्टूबर-सितम्बर) के तहत अगस्त तक 55 लाख टन चीनी का निर्यात किया गया है जो कि अब तक रिकॉर्ड है।वहीं चालू माह के अंत यानी सितम्बर अंत तक चीनी का निर्यात 60 लाख टन तक होने की उम्मीद है।
दरअसल देश में सहकारी चीनी कारखानों के अग्रणी संगठन नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज (एनएफसीएसएफ) के प्रबंध निदेशक प्रकाश नाइकनवरे ने 7 सितम्बर 2020 को कहा कि देश में अगस्त माह तक चीनी का निर्यात 55 लाख टन हो चुका है और चालू मौसम के अंत तक 58-60 लाख टन चीनी का निर्यात होने की उम्मीद है।चालू चीनी मौसम 2019-20 (अक्टूबर-सितम्बर) में अधिकतम स्वीकार्य निर्यात परिमाण (एमएईक्यू) के तहत कुल 60 लाख टन चीनी के निर्यात का कोटा निर्धारित किया गया है।जिस पर केद्र सरकार निर्यात करने वाली चीनी मिलों को 10,448 रुपए प्रति टन की दर से सब्सिडी देती है।यह स्कीम चालू मौसम के अंत में 30 सितम्बर 2020 को समाप्त हो रही है।उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि चालू चीनी मौसम के अंत तक एमएईक्यू के तहत यह कोटा 60 लाख टन तक चीनी का निर्यात हो जाएगा।उन्होंने कहा कि भारत ने चालू चीनी मौसम में ईरान, इंडोनेशिया, बंगलादेश, सूडान, सोमालिया, चीन, श्रीलंका, जार्डन, यमन और अफगानिस्तान को चीनी निर्यात किया है।उल्लेखनीय है कि कोरोना काल में भारत से कृषि आधारित जिन उत्पादों का सबसे अधिक निर्यात हुआ है जिसमें चीनी और चावल प्रमुख है।उन्होंने कहा कि इस वर्ष रिकार्ड 55 लाख टन चीनी का निर्यात हो चुका है और चालू मौसम के अंत तक चीनी के निर्यात का एक नया रिकार्ड बनेगा।इससे पहले 2007-08 में भारत ने रिकार्ड 49 लाख टन चीनी का निर्यात किया था।देश में इस वर्ष गन्ने का रकबा 52.38 लाख हेक्टेयर है जो कि पिछले वर्ष की तुलना में 1.30 प्रतिशत अधिक है और मानसून बेहतर रहने से गन्ने की फसल अच्छी है।जिससे गन्ने की अच्छी रिकवरी आने और चीनी के उत्पादन में बढोतरी की उम्मीद की जा रही है।उन्होंने कहा कि अगले मौसम 2020-21 में चीनी का उत्पादन लगभग .310 लाख टन हो सकता है।

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