चना घटकर फिर तेज : ऊंचे भाव पर दालों में ग्राहकी का अभाव

चना घटकर फिर तेज : ऊंचे भाव पर दालों में ग्राहकी का अभाव
हमारे संवाददाता
दालो में थोक ग्राहकी का अभाव बताया जा रहा है । दालो में भारत की खपत अधिक है । इससे मांग और आपूर्ति के कारण महंगाई दलहन-दालो में बढती जा रही है । वर्ष 2017 से 2020  की आलोच्य अवधि में  प्रत्येक दलहन-दाल दो गुने भावो पर आ चुके है  । कृषिक्षैत्रााथ के अनुसार भारत में दलहन दालो की पैदावार की कमी नही है ।उनके अनुसार  यह महंगाई तो निर्यात आयात का कारण है इसमें सटटा् भी भारी होने लगा है । इससे भावो को गति मिलने लगी है  । चना विगत हप्ते भारी उंचे भाव 5000 रू तक हाजिर मे ंजाने के बाद मांग अभाव से 4825 रू तक नीचे आने के बाद फिर से तेज हुआ । चने में नेफेड की सरकारी बिक्री उंचे भाव 5000 रू से उपर की  टेडंर प्रक्रिया होने से चना गत् हप्ते पुन: तेज होकर 4850 से 4875 रू तक होना बताया जा रहा था । व्यापारिक क्षैथत्रो से मिली खबरो के अनुसार  चने में दाल मिलों की मांग निकलने और नेफेड के उंचे ंभाव पर बिकवाली से  तेजी होना बताई गई । जिससे गत् हप्ते गुरूवार को चना तेज होकर 4875  रू  रहा बताते  है ।  आवक का सीजन नही होने के बावजूद चने में तेजी का का मुख्य कारण  आयातित स्टॉक का भार और डंकी का डरसे नेफेड ने उंचे भाव पर बिक्री करने से  हाजिर बाजार तेज हुऐ बताए जा रहे थे । इससे चना दाल भी तेज होकर 6200 रू तक होना बताइz जा रही थी। काबली चना डॉलर में विगत् हप्तो में  तेजी का दौर रहा रहा । गत् हप्ते भी इसके भाव 100 रू तक की तेजी के बने है । चने के समर्थन में इसमे भारी तेजी से भाव बढे बताऐ जा रहे है। 
काबली अच्दे चने का  भाव 7200  रू तक जाने के बाद मांग अभाव रहा है । पिछले डेढ माह में काबली चने पर कोई 1000 रू की तेजी  होना बताया जा रहा है । जनता की खरीदी  कोविड माहोल में सभी खाद्य पदार्थो पर कम है मगर खाद्य पदार्थो की प्रत्येक वस्तु का भाव उचे बढता जा रहा है । जनता की मुखाग्र शक्ति के अनुसार खपत के होटल्स बंद है , कोकिड में हेल्थ का और बाजार भीड का  भय हैइससे उनकी खरीदी दबाव वाली नही है  । उनके अनुसार व्यापार जगत पिछले लॉक डाउन का सारा नुक्सान अपने पुराने सस्ते स्टॉक को महंगा कर बेचने में लगा हुआ बताया जा रहा है । देश में  महंगाई कम करने और जनता आपर्ति पर आयात हुआ जिसे व्यापार जगत डॉलर बनाने में लगा हुआ है । इस वर्ष उडद,मसूर और तुवॉर  दलहन जिंसो की भारी आयात हुआ है  फिर भी इन जिंसो के भाव पिछले दिनो भारी बढे बताए गये है  मांग अभाव के बावजूद  गत् हप्ते तुवर,उडद और मोगर में कोई 50-75 रू तक की बढौत्री थोक में हुई बताते है । थोक मंडी मे उडद की आवके कोई 200 बोरियो और काबली चना की 1000  बोरियो की हो रही है ।  दालो मे अधिक मांग नही है ।  तुवॉर,मसूर और उडद दालो में गाहकी का अभाव बताया गया है । मसूर में विगत् हप्तो में तेजी रही इससे भाव  5600  रू तक होकर गत् हप्ते स्थिति  रही । तुवॉर 5000-5700रू  निमाडी और महाराष्टा 5950 से 6000  उडद 6300 से 6500 रू ,मूंग भारी उपर मजबूती में 5000 से 6600 रू तक क्वालिटी मुजब रहा। भारी उंचे भावो पर दालो में मांग अभाव बना हुआ है । 

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