खाद्यतेलों में ग्राहकी का अभाव

खाद्यतेलों में ग्राहकी का अभाव
सोया पाम तेल में मंदी, मूंगफली तेल स्थिर
हमारे संवाददाता
इंदौर ।  सोया तेल पिछले  880-885 रू  के भाव से गिरते हुऐ गत् गुरूवार के  872 से 875 रू तक  नीचे आया । इस वर्ष सोया  तेल के साथ ही अन्य तेल भी भारी उंचाई पर हो गये है और मजबूत ही बताये जा रहा हे । व्यापारिक क्षैत्रो के अनुसार आयात शुल्क बढौत्री और  वैश्विक परिदृष्य में तेल-तिलहनो के उत्पादन  और भाव पर सटट्त्माक प्रभाव बनाया जा रहा है । गत हप्ते हाजिर बाजार में कोई उल्लेख्नीय मांग नही थी  मगर फिर भी सटोरिया चालो में उलझे तेल व्यापार में मलेशियन पाम तेल वायदा और शिकागो सोया तेल वायदा के प्रभाव हमारे देश  में भारी भाव की उलटफेर करने लगे है । बीतो दो  सप्ताहो  में हुई सोया और पाम  तेल में भारी तेजी के बाद ग्राहकी अभाव में मंदी पर रहे । कोविड महामारी  के बढते भय से अधिक ग्राहकी का भार बाजार में नही रहा । । व्यापारियों के अनुसार  गत् हप्ते  वैश्विक सटटा् मलेशियन वायदा बाजार में केऐलसीई और शिकागो सोयातेल वायदा व्यापार भी  गत् हप्त कोई अधिक तेज नही था फिर भी  शुल्क बढौत्रााड्ड का असर रहने से भारत के सटटा् व्यापार ने खाद्य तेलो में कोंई अधिक मंदी देखने में नही आई है । पाम तेल की मांग अधिकतर चीन और भारत की होती है । मगर दोनो ही देशो में  कोविड के डर की हलचल होने से  मांग  में कमी है । हांलाकि पिछले हप्ते  की खबरो में मलेशिया तरफ उत्पादन बढने और स्टॉक बढने से वैश्विक वायदा बाजार की मंदी आने से गत् हप्ते भारतीय बाजार में मंदी रही बताया गया है । 
पाम तेल की बढती खपत भारत में सोचनीय विषय है । आखिर पाम तेल का बढता आयात  खपत में कहां जा रहा है।  घर में यह तेल अभी सीधे तैर पर उपयोग में आता नही है , आग थ ठंड का मौसम है इसमें पाम तेल जमने की शिकायत रहती है । इससे वर्तमान समय में मूंगफली तेल और सरसो तेल की मांग निकलती होने से इनमें तलो में  उंचे भाव पर ही गत् हप्ते स्थिरता रही है ।  अभी वर्तमान में इनमें भी खपत कम होने से इन तेलो के भाव आगे नही उठ पाने की धारणा है । मुंगफली का उत्पादन इस वर्ष भारी आने की संभावना है । अभी वर्तमान सरकार की योजना में खाद्य तेलो पर अत्म निर्भरता बढाने के  कृषि तरफ घ्यान दे रही है । इससे किसानो की सेहत भी सुधरेगी । जनता की मखाग्र शक्ति के अनुसार सरकार को कृषि क्षैत्र में रकबा बढाने के लिये देशभर में पडी अथाह बंजर भूमि का कृषि उपयोग हेतु बनाना चाहिये । जैसे कि आस्ट्रेलिया  की सराकारो ने हमेशाकृषि पर ध्ययान दिया है और वहां की सौ प्रतिशत जमीन का उपभोग देश हित में किया है । इसलिये वह देश आज कृषि क्षैत्र मे ंआत्म निर्भर है ।  खाद्य तेलो पर बढ रही भारी महंगाई से निजात पाने के लिये सरकार को आयात निर्यात घटाने-बढाने और शुल्क  घटाने बढाने जैसी प्रक्रिया की बजाय कृत्रिम तेजी मंदी के स्त्रोतों पर जनता हित में ध्यान देना चाहिये । पाम तेल की वैश्विक माग अभाव में  मलेशिया में भारावा अधिक बढ जाने से वहां पर मंदी रही है । हांलाकि गत् हप्ते गुरूवार की सुबह हल्की तेजी में खुलकर मलेशियान केएलसीई 8पाइंट  उंचा था ।  शिकागो सोया तेल वायदा भी हलकी तेजीमंदी में ही था ।   

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