ग्रे क्लॉथ में तेजी के कारण आढ़तियों से अच्छे सौदे

चिर प्रतिक्षित बरसात ने तृप्ति को संजोकर उमंग, उल्लास और सन्तुष्टि के आभास की गरिमा को एक नया परिवेश प्रदान किया। कोरोना के इस आतंक और भय भरे वातावरण में प्रकृति की रिम-झिम बारिश ने मरहम सा कार्य करने का साहस दिखाया। नि:संदेह इससे कार्य प्रक्रिया कई प्रकार से प्रभावित हुई। धुपाई गड़बड़ा गई, सुखाई में व्यवधान उपस्थित हो गया। रंगाई-छपाई की गुणवत्ता भी पूर्णता प्राप्त करने में चूक गई। बून्दों का कहर इस प्रकार बरपा कि ग्रे पर पड़ा कपड़ा, जिगर पर रखा कपड़ा डेमेज हो गया। एक उद्यमी ने बताया कि उसके 300 थान में 130 थान ऐसे बिगड़े कि उन्हें संवारने का रास्ता नहीं मिल रहा है। पापलीन के माल पर बरसाती छींटे तेजाबी असर रखते हø। वह माल पुन: काला भी रंगने का किया जाय तो बरसात से क्षति ग्रस्त माल इसके लिये भी उपयुक्त नहीं रहता। अचानक आई बरसात ज्यादा नुकशान करती है। वर्षा का अनुमान पहले होने पर तो माल काफी कुछ व्यवस्थित किया जा सकता है। वैसे अधिकांश उद्यमी कई प्रकार की हानियों के तो अभ्यस्त है। वे अपनी हिम्मत के बल पर अपने उद्योग को जीवन्त बनाये रखने में सक्षम लगते हø। इन दिनों प्रिन्ट नाईटी से सिलीकेट हटाने हेतु धुपाई में आ रही परेशानियों के परिणाम स्वरूप कई उत्पादकों को गीला माल लाकर अपनी फैक्ट्री में सुखाने की विवशता है। हस्त प्रिन्ट क्लोथ की नाईटी या सलवार सूट बनाने में तो कितना अधिका समय लगता है उसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती है। ऐसे कारीगरों के पास इतना माल पड़ा है कि वे समय पर दे ही नहीं सकते। उनके कहने में भी सत्यता है कि हस्त प्रिन्टिंग अलग अंदाज में होती है, उसमें चाहे जितना माल बनाना किसी भी प्रकार से संभव नहीं होता। इस कारण ऐसे माल की चालानी विलम्ब से ही हो पाती।
उत्पादकों के पास ग्रे क्लोथ तो है परंतु तैयार माल करना बड़ा मुश्किल हो रहा है। इस सारे वातावरण में श्रमिकों की कमी का रोल भी कम महत्वपूर्ण नहीं है। पापलीन की मांग में भी इन दिनों बढ़ोतरी का स्वर सुनाई देने लगा है। ग्रे क्लोथ में कुछ तेजी के कारण आड़तियों से अच्छे सौदे होने के समाचार है।
बालोतरा जल प्रदूषण निवारक एवं नियंत्रक ट्रस्ट द्वारा एक सप्ताह तक संयंत्र में कारखानों से निस्तारित प्रदूषित जल ट्रस्ट से जुड़ी यूनिटों से न लेने के फरमान से उत्पादन में एक ओर व्यवधान आ गया है। ट्रस्ट ने ये आदेश संयंत्र के रखरखाव व अन्य कारणों से जारी किया है।

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