चीन पर एक और `क्वालिटी अटैक''

इंपोर्टेड एलईडी सामानों की होगी जांच
नई दिल्ली।भारत ने चीन को एक और सबक सिखाने की तैयारी कर ली है। अब देश में इंपोर्ट होने वाले सभी एलईडी उत्पादों की जांच होगी। भारत सरकार चीन से होने वाले इंपोर्ट पर लगाम लगाना चाहती है, ये उसी दिशा में उठाया गया मोदी सरकार का एक सख्त कदम है। 
वाणिज्य मंत्रालय के तहत आने वालेग् ने देश के बड़े बंदरगाहों जैसे कांडला, पारादीप, कोच्चि, मुम्बई जैसे पोर्ट पर इम्पोर्ट होने वाले एलईडी  प्रोडक्ट के जांच के आदेश दे दिए हैं। इसके लिए डायरेक्टर जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (DGFT) ने एक नोटिफिकेशन जारी किया है। जिसके मुताबिकइंपोर्ट हो रहे कंसाइनमेंट या माल में से किसी भी सैंम्पल को रैंडम या अनियमित तरीके से चुना जाएगा। ऐसे नमूनों को जांच के लिए भारत मानक ब्यूरो (BIS) की लैब्स में भेजा जाएगा, 7 दिन में जांच पूरी होगी, इस बात की जांच की जाएगी कि क्या ये एलईडी प्रोडक्ट सुरक्षा के मापदंडों पर खरे उतरते हैं। मापदंडों पर खरे उतरने वाले नमूनों के कंसाइनमेंट्स को ही कस्टम की ओर से क्लियरेंस मिलेगा,अगर चुने गए नमूने मापदंडों पर खरे नहीं उतरते, तो उन्हें वापस भेज दिया जाएगा या फिर नष्ट कर दिया जाएगा। 
भारत के इस कदम से चीन की मुश्किलें बढ़ेंगी, क्योंकि अगर चीन के घटिया एलईडी कंसाइनमेंट को भारत में एंट्री नहीं मिली तो उसको बड़ी आर्थिक चोट पहुंचना तय है। क्योंकि चीन के लिए भारत इलेक्ट्रॉनिक सामानों का बहुत बड़ा मार्केट है। चीन पर भारत की निर्भरता को कम करने के लिए पीएम मोदी ने वोकल फॉर लोकल और आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों की शुरुआत की है। चीन को सीमा पर सबक सिखाने के साथ साथ उसकी आर्थिक कमर तोड़ने की शुरुआत पहले ही हो चुकी है।

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