कॉटन की उपज चार फीसदी बढ़ने का अनुमान

कॉटन की उपज चार फीसदी बढ़ने का अनुमान
हमारे प्रतिनिधि
मुंबई। देश में मार्केटिंग वर्ष 2020-21 (अक्टूबर-सितंबर) में कॉटन का उत्पादन 380 लाख गांठ (प्रति गांठ 170 किलोग्राम) रहने का अनुमान है जो पिछले उत्पादन से चार फीसदी अधिक होगा। वर्ष 2019-20 में यह उत्पादन कारोबारी अनुमान के मुताबिक 365 लाख गांठ था। हालांकि, केंद्र सरकार ने चौथे अग्रिम उत्पादन अनुमान में वर्ष 2019-20 के लिए कॉटन उत्पादन 355 लाख गांठ आंका है। 
एक सर्वे के मुताबिक इस साल कॉटन के रकबे में हुई बढ़ोतरी एवं कॉटन उत्पादक राज्यों में हुई पर्याप्त बारिश से इसके उत्पादन में इजाफा होगा। समय पर एवं पर्याप्त बारिश होने से कॉटन की यील्ड इस साल वर्ष 2019-20 की तुलना में बढ़ने की संभावना है। कृषि मंत्रालय के मुताबिक इस साल कपास का रकबा 129 लाख हैक्टेयर पहुंच गया जो पिछली बोआई 116 लाख हैक्टेयर की तुलना में दो फीसदी ज्यादा है। इस बोआई में बीटी कॉटन की हिस्सेदारी लगभग 90 फीसदी है। देश भर में कपास की बोआई पूरी हो चुकी है एवं आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और गुजरात में यह इस सीजन में सामान्य रकबे से अधिक रही है। 
कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक उत्तर भारत में कपास की फसल की हालत शानदार है। गुजरात में कपास की घटी बोआई की पूर्ति अन्य राज्यों में पैदा होने वाली अधिक कपास से पूरी हो जाएगी। इस साल कपास की फसल को अभी तक कोई बड़ा नुकसान नहीं है। गुजरात एवं मध्य प्रदेश में अधिक बारिश से हुए नुकसान के बावजूद यह उम्मीद है कि इसमें रिकवरी दिखाई देगी। सर्वे में कुछ लोगों का मानना था कि यदि मौसम भरपूर साथ दें तो यह उत्पादन 380 लाख गांठ या इससे अधिक पहुंच सकता है। 
कॉटन उत्पादक एरिया में अभी तक हुई बारिश पर नजर डाली जाए तो यह पंजाब और हरियाणा में सामान्य से दस फीसदी कम है जबकि राजस्थान में नौ फीसदी अधिक है। गुजरात में सामान्य से 59 फीसदी ज्यादा बारिश हुई है। महाराष्ट्र में बारिश सामान्य से 13 फीसदी एवं मध्य प्रदेश में पांच फीसदी अधिक हुई है। आने वाले दिनों में होने वाली बारिश कपास उत्पादन में अहम भूमिका निभाएगी। उत्तर भारत के बाजारों में नई कपास की आवक शुरु हो चुकी है एवं अक्टूबर से यह आवक जोरों पर होगी। जबकि, अन्य उत्पादक राज्यों में इसकी आवक मध्य अक्टूबर से शुरु होने के आसार हैं। 
दूसरी ओर, अमरीकी कृषि संस्था (यूएसडीए) ने वर्ष 2020-21 में भारत का कॉटन उत्पादन अनुमान 65.32 लाख टन आंका है। भारत में वर्ष 2019-20 में 64.23 लाख टन, वर्ष 2018-19 में 56.17 लाख टन कॉटन का उत्पादन हुआ। यूएसडीए ने अपनी ताजा रिपोर्ट में भारत में वर्ष 2020-21 में कॉटन की घरेलू खपत 48.99 लाख टन रहने की संभावना जताई है। यह खपत वर्ष 2019-20 में 43.55 लाख टन, वर्ष 2018-19 में 52.25 लाख टन थी। भारत का वर्ष 2020-21 कॉटन फसल वर्ष में अंतिम स्टॉक वर्ष 2019-20 के 38.89 लाख टन से बढ़कर 46.52 लाख टन पहुंचने की संभावना है। यह स्टॉक वर्ष 2018-19 में 20.28 लाख टन था। भारत से वर्ष 2020-21 में कॉटन का निर्यात 10.89 लाख टन रहने की संभावना है। वर्ष 2019-20 में इसके 7.08 लाख टन रहने का अनुमान है। यह वर्ष 2018-19 में 7.64 लाख टन था।

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