धंधा-नौकरी खोने वालों का रुझान शेयर बाजार की ओर

शिक्षित लोग बेच रहे सब्जी, नमकीन और मिठाई'''
देवचंद छेड़ा'
मुंबई । कोरोना की महामारी और 6 महीने के लॉकडाउन ने ज्यादातर व्यापार-उद्योग की कमर तोड़ दी है और बहुत से लोगों को नौकरी से हाथ धोना पड़ा है. यह वर्ग ज्यादातर शेयर बाजार में निवेश और ट्रेडिंग की ओर मुड़ा है. इससे लॉक डाउन की अवधि में 50 लाख से अधिक डीमेट अकाउंट खुल गए हैं. प्रायमरी मार्केट और सेकेंडरी मार्केट की तेजी का यह एक कारण है.'
' प्रोफेसर, शिक्षक, एडवोकेट, कलाकार आदि क्षेत्र के जो लोग बेरोजगार हुए हैं, उन्होंने शर्म छोड़कर सब्जी, खाखरा, नमकीन, खाने पीने की वस्तुएं, खिलौना, मास्क, सैनिटाइजर आदि बेचना शुरू कर दिया है.''
बांद्रा -लिंकिंग रोड के एक बड़े लाइफ़स्टाइल स्टोर ने सब्जी और खाखरा बेचने का काउंटर शुरू कर दिया है. हिंदमाता क्लॉथ मार्केट के कुछ छोटे -छोटे व्यापारियों ने कपड़े की दुकान में नाश्ता के पैकेट बेचना शुरू कर दिया है. घाटकोपर तिलक रोड पर एक कपड़ा- परिधान का बड़ा शोरूम था, उसे बंद कर वहां फूड कोर्ट शुरू कर दिया गया है.''
सेंट्रल लाइन में थाना से दूर और वेस्टर्न लाइन में बोरीवली से दूर रहने वाले नौकरी करने वाले वर्ग की हालत ट्रेन बंद होने से काफी खराब हो गई है. उनको वे जिस क्षेत्र में रहते हैं वहां कोई काम धंधा नहीं मिलता. डोंबिवली में कुछ लोगों ने कच्छी दाबेली की रेकड़ी लगाना शुरू कर दिया है. खराब समय में पति का साथ देने के लिए बहुत सी गृहणियां बाहर कामकाज करने की ओर मुड़ी है. बहुत सी गृहणियां घर पर मिठाई, नाश्ता ऑर्डर के अनुसार बनाकर बेचती हैं.''
टू -व्हीलर रखने वाले कुछ युवक चेंबूर जैन देरासर की मिठाइयां या दादर के करसन लघु हाल की मिठाइयां खरीद कर उसकी घर-घर डिलीवरी करने लगे है. यह वर्ग आधा किलो के प्रति बॉक्स पर ? 10 से 15 डिलीवरी चार्ज ग्राहक से वसूल करता है.

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