ला-नीना से इस वर्ष कड़ाके की सर्दी पडेगी

हमारे संवाददाता
नई दिल्ली । भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) की तरफ से इस वर्ष ला-नीना के चलते कड़ाके की ठंडा पड़ने का अनुमान जताया है।जिसको लेकर भारतीय मौसम विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने 14 अक्टूबर 2020 को कहा कि यह नहीं समझना चाहिए कि जलवायु परिवर्तन से तापमान में बढोतरी होती है बल्कि इसके विपरीत मौसम अनियमित हो जाता है।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) की तरफ से शीतलहर के खतरे में कमी पर आयोजित वेबनार को संबोधित करते हुए आईएमडी के महानिदेशक मत्युंजय महापात्र ने कहा कि चूंकि ला-नीना की स्थिति कमजोर है इसलिए हम इस वर्ष अधिक ठंड की उम्मीद कर सकते है।ऐसे में यदि शीतलहर की स्थिति के लिए बड़े कारक पर विचार करें तािz अल-नीना और ला-नीना बड़ी भूमिका निभाते है।उन्होंने कहा कि' शीतलहर के लिए ला-नीना अनुकूल होता है।वहीं अल-नीनो की स्थिति सहायक नहीं होती है।यद्यपि मानसून मूल रुप से हिंद महासागर में ताप परिवर्तन के काराि नमीयुक्त हवाओं के प्रवाह का नतीजा है।अल नीनो,ला-नीनो आदि ऐसी जलवायु घटनाएं है जो कि इसे प्रभावित करती हे।ये घटनाएं महासागरों पर तापमान वितरण और आर्द हवाओं के प्रवाह की दिशा व तीव्रता को प्रभावित करती है।उल्लेखनीय है कि देश में राजस्थान,उत्तर प्रदेश और बिहार उन राज्यों में शामिल है जहां शीतलहर के कारण काफी संख्या में लोगों की मौतें होती है।जिसको लेकर आईएमडी प्रत्येक वर्ज्ञ नवम्बर में शीतलहर का पूर्वानुमश्प भी जारी करता है जिसमें दिसम्बर से फरवरी के तहत शीतलहर की स्थिति की जानकारी दी जाती है। '

© 2020 Saurashtra Trust

Developed & Maintain by Webpioneer