4 लाख टन अरहर एवं 1.5 लाख टन उड़द आयात की अनुमति

दलहनों की बढ़ती कीमत थामने हेतु नीतिगत सक्रियता
रमाकांत चौधरी'
नई दिल्ली । पिछले कुछ अर्से से देश भर में दलहनों की कीमत में भारी बढोतरी हो रखी है।जिससे आम जनमानस को दलहनों की बढती महंगाई से सीधे तौर पर जूझना पड़ रहा है।जिसकी भनक मोदी सरकार को लग रखी है।ऐसे में दलहनों की बढती कीमत को थामने को लेकर मोदी सरकार की तरफ से अचानक नीतिगत कदम उठाने को लेकर सक्रिय हो गई है।जिसके तहत चालू वित्त वर्ष 2020-21 को लेकर अरहर व उड़द का आयात कोटा सूची प्रस्तुत की गई है।जिसमें 4 लाख टन अरहर और 1.5 लाख टन उड़द आयात की अनुमति दी गई है।जिसको लेकर विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) के अंतर्गत रीजनल अथॉरिटी को अर्ज़ेंट बेसिस पर आवेदक को दलहनों के आयात लाइसेंस जारी करने के लिए जरुरी कदम उठाने को कहा गया है।जिससे स्वभाविक है कि आगामी दिनों में दलहनों को आयात शुरु होगा।जिससे दलहनों की बढती कीमत थामने में काफी हद तक मदद मिलेगी।जिससे आम उपभोक्ताओं को राहत मिल सकेगी।
दरअसल देश में अरहर उत्पादक प्रमुख राज्य कर्नाटक में अधिक बारिश होने के चलते अरहर की फसल को भारी नुकसान हुआ है और अरहर की पैदावार 10 प्रतिशत तक घटने की आशंका है।जिससे देश के विभिन्न खपत केद्रों पर अरहर की आपूर्ति जटिल हो रखी है।जिससे पिछले एक पखवाड़े में देश भर में अरहर की कीमत में भारी बढोतरी हो रखी है और अरहर की खुदरा कीमत 115/120 रुपए किलो पर पहुंच गई है।जिससे आम जनमानस को अरहर की खरीदी करने पर जेब अधिक ढीली करनी पड़ रही है और वह सीधे तौर पर अरहर की बढती कीमत से हलकाल हो रहे है।ऐसे में मोदी सरकार की तरफ से दलहनों की बढती कीमत को थामने को लेकर दलहनों का आयात बढाने का फैसला किया है ताकि घरेलू बाजार में दलहनों की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी। जिससे आगामी दिनों में दलहनों की कीमत थमेगी जिससे ही सही मायने में आम जनमानस को दलहनों की बढती कीमत से निजात मिल सकेगी।

© 2020 Saurashtra Trust

Developed & Maintain by Webpioneer