चीनी का उत्पादन पिछले डेढ महीने में लगभग तीन गुना बढ़ा

चीनी का उत्पादन पिछले डेढ महीने में लगभग तीन गुना बढ़ा
हमारे संवाददाता
नई दिल्ली । चालू गन्ना पेराई मौसम में गन्ना की पेराई निर्धारित समय पर शुरु होने और बेहतर उत्पादकता के दम पर चालू माह के प्रथम डेढ महीने में पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में लगभग तीन गुना चीनी का उत्पादन हुआ है।चूंकि चालू गन्ना वर्ष के तहत मानसून की अच्छी बारिश से गन्ने की फसल का रकबा भी बढा है।
दरअसल इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन (इस्मा) के आंकड़ों के तहत पहली अक्टूबर को चालू पेराई मौसम शुरु होने के साथ ही देश की 271 चीनी मिलों में गन्ना पेराइढ चालू हो गई।वहीं पिछले वर्ष इसी अवधि में सिर्फ 127 चीनी मिलों में गन्ने की पेराई चालू हो सकी थी।ऐसे में गन्ने की पेराई शुरु होने के बाद 15 नवम्बर 2020 तक चीनी का कुल उत्पादन 14.10 लाख टन हो चुका था।वहीं पिछले वर्ष इसी अवधि तक चीनी का उत्पादन सिर्फ 4.84 लाख टन हुआ था।ऐसे में चालू वर्ष (अक्टूबर-सितम्बर) में चीनी की रिकवरी दर में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की जा रही है।वहीं गन्ना खेती का रकबा बढने और उत्पादकता में वृद्वि से चालू चीनी वर्ष में चीनी के अतिरिक्त उत्पादन का अनुमान है।वैसे तो चीनी उद्योग भारी कैरीओवर स्टॉक से हपले ही हलकान है।ऐसे में चीनी उद्योग को 60 से 70 लाख टन चीनी निर्यात करने की जरुरत महसूस हो रही है।जिसको लेकर इस्मा की तरफ से कहा जा रहा है कि पिछले मानसून मौसम की अच्छी बारिश से जहां खेतों में गन्ने की फसल बहुत अच्छी हुई है।वहीं महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे गन्ना उत्पादक राज्यों के जलाशय लबालब हो चुके हø।इससे प्रति हेक्टयेर गन्ने की उत्पादकता में वृद्वि दर्ज की गई है।देश में सर्वाधिक चीनी उत्पादन करने वाले राज्य उत्तर प्रदेश में 15 नवम्बर तक 3.85 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ था।वहीं दूसरी सबसे बड़े चीनी उत्पादन महाराष्ट्र में 5.65 लाख टन चीनी का उत्पादन हो चुका है जबकि पिछले वर्ष इस समय तक गन्ना पेराई ही ठीक से शुरु नहीं हो सकती थी।इस बार गन्ना पेराई मौसम की शुरुआत 1.06 करोड़ टन चीनी के कैरीओवर स्टॉक के साथ हुई है।चालू मौसम में 3.10 करोड़ टन चीनी उत्पादन का अनुमान है।

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