किसान जनवरी के बाद बेचें कपास, बढ़ेंगे भाव

किसान जनवरी के बाद बेचें कपास, बढ़ेंगे भाव
हमारे संवाददाता
राजकोट। गुजरात के कृषि सलाहकारों का कहना है कि किसानों को अपनी कपास की फसल अभी नहीं बेचनी चाहिए एवं इसकी बिकवाली जनवरी 2021 के बाद करनी चाहिए क्योंकि कपास के दाम बढ़ने की उम्मीद है। राजकोट में कपास का मौजूदा भाव 5790 रुपए प्रति क्विंटल है जबकि इसका न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 5825 रुपए है। 
कृषि विश्वविद्यालय जूनागढ़ के कृषि अर्थशास्त्रियों के मुताबिक कपास के भाव जनवरी 2021 तक 5300-5875 रुपए प्रति क्विंटल के बीच कारोबार करते रहेंगे। लेकिन जनवरी के बाद अनेक घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय कारकों से भाव ऊपर की ओर उठेंगे। एग्री इकानॉमिक्स विभाग के एसोसिएट रिसर्च साइंटिस्ट एमजी धनधालिया के मुताबिक दिसंबर 2019 में कॉटन का भाव 5000 रुपए प्रति क्विंटल था जो अप्रैल 2020 में गिरकर 4250 रुपए प्रति क्विंटल आ गया। लेकिन जुलाई से निर्यात में आई गर्मी से बाजार ऊपर की ओर उठने लगा और अक्टूबर में यह 5300 रुपए के ऊपर पहुंच गया। कपास के भाव मजबूत बने रहने की उम्मीद है क्योंकि इसका वैश्विक उत्पादन घटा है। 
भारत में वर्ष 2020-21 में कपास का रकबा 129.57 लाख हैक्टेयर रहने का अनुमान है एवं केंद्र सरकार के पहले अग्रिम उत्पादन अनुमान के मुताबिक उत्पादन 371 लाख गांठ (प्रति गांठ 170 किलोग्राम) रहने की संभावना है। हालांकि, अक्टूबर के तीसरे सप्ताह में हुई बारिश से कुछ इलाको में नुकसान होने की खबर है जिससे कॉटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने यह अनुमान 356 लाख गांठ जताया है। 
कृषि विश्वविद्यालय जूनागढ़ के मुताबिक कपास का भाव नवंबर 2020 से जनवरी 2021 तक 5300-5875 रुपए प्रति क्विंटल रहने का अनुमान है। ऐसे में किसानों को अपनी फसल रोककर रखनी चाहिए एवं जनवरी के बाद बेचनी चाहिए। लेकिन जो किसान अपनी फसल को स्टोर कर नहीं रख सकते उन्हें यह न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सीसीआई के बिक्री केंद्रों पर बेचनी चाहिए।

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