खिलौना उद्योग के लिए कैपिटल इंसेंटिव स्कीम की तैयारी

खिलौना उद्योग के लिए कैपिटल इंसेंटिव स्कीम की तैयारी
कलस्टर निर्माण, कौशल विकास व ब्रांडिंग हेतु मिलेगा प्रोत्साहन
हमारे संवाददाता
नई दिल्ली । भारतीय खिलौना उद्योग की दुनियाभर के बाजार में पहचान दिलाने की पूरी योजना तैयार कर ली गई है।जिसके तहत केद्र सरकार की तरफ से खिलौना मैन्यूफैक्चरिंग कलस्टर,श्रमिकों के कौशल विकास और भारतीय खिलौने की ब्रांडिंग व इसके प्रोत्साहन के लिए इंसेंटिव देगी।दुनिया की शीर्ष 50 खिलौना को भारत में मैन्यूफैक्चरिंग शुरु करने या भारतीय खिलौने को खरीदने के लिए तैयार किया जा रहा है।
दरअसल इस योजना को साझा करने के लिए उद्योग संवर्द्वन एवं आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआइआइटी) की एक बैठक 19 नवम्बर 2020 को बुलाई गई थी।जिसमें 15 मंत्रालयों और नौ राज्यों के प्रतिनिधियों के अतिरिक्त उद्योग जगत के 120 साझेदारों ने शिरकत की थी।प्रधानमंत्री श्री नरेद्र मोदी भारतीय खिलौना उद्योग के विकास व इसकी ब्रांडिंग की सार्वजनिक रुप से इच्छा जाहिर कर चुके हø।जिसको लेकर कहा जा रहा है कि खिलौना उद्योग के प्रोत्साहन के लिए इंडियन फुटवियर,लेदर एंड एसेसरीज डेवलपमेंट प्रोग्राम (आइएफएलएडीपी) की तर्ज पर इंसेंटिव देने की योजना बनाई गई है।जिसके तहत कलस्टर डेवलपमेंट,कौशल विकास और उत्पाद के ब्रांडिंग के लिए इंसेंटिव दिए जाएंगे।यद्यपि खिलौना उद्योग को मिलने वाले इंसेंटिव की राशि पर अभी अंतिम निर्णय नहीं किया गया है।बहरहाल इंसेंटिव कम से कम तीन वर्ष़ों तक दिए जा सकते हø।वहीं डीपीआइआइटी की तरफ से कहा जा रहा है कि खिलौना उद्योग के समग्र विकास के लिए खिलौना  के कंपोनेंट इकोसिस्टम को भी तैयार किया जा रहा है।जिसको लेकर उद्योग विभाग अपने स्तर पर फर्नीचर,टूलिंग,प्लास्टिक,मोल्डिंग,इलेक्टॉनिक्स व टेक्सटाइल से संबंधित उन कंपनियों की पहचान में जुटा है जो कि  खिलौने या इसके पूर्जे बना सकती है।वहीं खिलौना उद्योग मैन्यूफैक्चरिंग से संबंधित कंपनियों को आकर्षित करने के लिए उद्योग विभाग 13 देशों के साथ वेबिनार का आयोजन कर चुका है।वहीं घरेलू स्तर पर कर्नाटक,उत्तर प्रदेश,तमिलनाडु,आन्ध्र प्रदेश व महाराष्ट्र के साथ कई चरण की बातचीत एवं वर्कशॉप का आयोजजन किया जा चुका है।उल्लेखनीय है कि भारतीय खिलौना बाजार में 85 प्रतिशत हिस्सेदारी आयातित खिलौनों की है जिसका 90 प्रतिशत तक का हिस्सा चीन से आयात हो रहा है।वहीं 2019 में भारत का खिलौना कारोबार 1.75 अरब डॉलर यानी लगभग 13,125 करोड़ रुपए का रहा था।वहीं विश्व का खिलौना बाजार 90 अरब डॉलर यानी 6.6 लाख करोड़ रुपए से अधिक का है जिसमें भारत की हिस्सेदारी नगण्य है।

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