कपास कर उत्पादन बढ़कर 358.50 लाख गांठ होने का अनुमान

कपास कर उत्पादन बढ़कर 358.50 लाख गांठ होने का अनुमान
हमारे संवाददाता
नई दिल्ली । इंडियन कॉटन एसोसिएशन (सीएआई) ने 7 जनवरी 2021 को कहा कि उसने 2020-21 सत्र के लिए अपने कपास फसल उत्पादन अनुमान को 2.50 लाख गांठ बढाकर 358.50 लाख गांठ कर दिया है।इसकी मुख्य वजह पिछले वर्ष के कपास का अधिक स्टाक होना है।वहीं 2019-20 कपास सत्र में कुल कपास उत्पादन 360 लाख टन रहा था।कपास सत्र अक्टूबर से लेकर अगले वर्ष सितम्बर तक चलता है।
दरअसल इंडियन कॉटन एसोसिएशन (सीएआई) ने अक्टूबर से दिसम्बर 2020 के तहत कुल कपास आपूर्ति 327.35 लाख गांठ होने का अनुमान लगाया था।इसमें 197.85 लाख गांठ कपास की आवक,4.50 लाख गांठ का आयात अनुमान और पहली अक्टूबर 2020 तक का 125 लाख गांठ का शुरुआती स्टॉक होना शामिल है।सीएआई की फसल समिति ने कपास सत्र 2020-21 के अंत तक कुल 497.50 लाख गांठ कपास आपूर्ति अनुमान लगाया है।जिसको लेकर सीएआई के अध्यक्ष अतुल गनात्रा ने कहा कि इसके अतिरिक्त समिति ने त्रुटि होने के चलते कपास के पिछले साल के बचे स्टॉक की मात्रा में 107.50 लाख गांठ से 125 लाख गांठ की एकमुश्त वृद्वि की है।यह त्रुटि सरकारी एजेंसियें यानी सीएआई और महाराष्ट्र फेडरेशन के पिछले कपास वर्ष के स्टॉक को नहीं जोड़ने के चलते हुआ था जिस स्टॉक को बचे तो दिया गया था जिसकी डिलीवरी नहीं हो पाई थी।इसके अतिरिक्त सीएआई ने अक्टूबर से दिसम्बर 2020 के तहत 82.50 लाख गांठ कपास खपत का अनुमान लगाया है।वहीं कपास के निर्यात खेप का अनुमान 20 लाख गांठ है।घरेलू खपत अब 330 लाख गांठ होने का अनुमान लगाया गया है जैसा कि पहले अनुमान लगाया गया था।देश में कोरोना महामारी के चलते लगाए गए लॉकडाउन के चलते उत्पन्न हुए व्यवधान और श्रमिकों की कमी के बाद इस वर्ष कपास की खपत अपने सामान्य स्तर पर पहुंचने का अनुमान है।वहीं सीएआई की तरफ से कहा गया है कि कपास सत्र 2020-21 के अंत में पिछले वर्ष का बचा स्टॉक (कैरी ओवर स्टॉक) 113.50 लाख गांठ होने का अनुमान है।

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