उत्तर प्रदेश में अनाज भंडारण 5 हजार गोदाम बनाने की योजना

हमारे संवाददाता
नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की तरफ से किसानों की आमदनी बढाने को लेकर अनाज भंडारण हेतु उत्तर प्रदेश में अनाज भंडारण बनाने जा रही है।जिसके तहत प्रथम चरण में 5 हजार गोदाम बनाने की योजना पर केद्र सरकार ने मुहर लगा दी है।ऐसे में भूमि चयन के साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से गांवों में अनाज भंडारण गोदामों का निर्माण शुरु करेगी।जिससे किसानों को अपना अनाज भंडारण के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।वहीं फसल खराब होने की मजबूरी में किसान कम कीमत में भी बेचना नहीं पड़ेगा।
दरअसल अनाज भंडारण गोदाम बनाने की योजना पर लगभग 2500 करोड़ रुपए खर्च होंगे।इन सभी गोदामों की कुल भंडारण क्षमता लगभग 8.60 लाख मीट्रिक टन होगी।इन गोदामों में किसानों के अनाज के साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार भी स्थानीय स्तर पर खरीदे गए अनाज का भंडारण भी कर सकेगी।अनाज भंडारण गोदाम की योजना को योगी आदित्यनाथ सरकार गांवों में रोजगार से जोडने जा रही है।वहीं भंडारण निगमों में स्थानीय लोगों को केयर टेकर,संचालक और बाबू के पदों पर संविदा और स्थाई दोनों तरह से रोजगार के अवसर दिए जाएंगे।वहीं एफपीओ के रजिस्ट्रेशन के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाया है।अब एफपीओ बनाने वाले किसानों को पांच लाख रुपए तक के लोन पर ब्याज दर में से चार प्रतिशत की छूट देने की योजना है।इस नीति में एफपीओ के गठन के लिए कम से कम 10 किसान अलग अलग परिवारों के होने चाहिए।जिसके बाद रजिस्ट्रेशन और इससे संबंधित पहले वर्ष की विधिक कार्यवाही पूरी करने के लिए लगभग 36,500 करोड़ रुपए खर्च संभावित है।वहीं योगी आदित्यनाथ सरकार ने अब तक 55 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य के विपरीत 60 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीद कर रिकॉर्ड कायम किया है।यह पिछले वर्ष इसी अवधि तक हुई धान खरीद के लगभग दोगुना है।वहीं सरकारी आंकड़ों के तहत उत्तर प्रदेश सरकार ने लगभग 8 लाख धान किसानों को अब तक लगभग् 7,800 करोड़ रुपए का भुगतान किया।उत्तर प्रदेश में 28 फरवरी 2021 तक धान,मक्का और मूंगफली सहित अन्य खरीफ फसलों की खरीद होनी है।

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