भारत ने किया म्यांमार से एक लाख टन गेहूं निर्यात करने का सौदा

नई दिल्ली। भारतीय कारोबारियों ने म्यांमार के साथ तकरीबन एक लाख टन गेहूं का निर्यात करने के सौदे पर हस्ताक्षर किए हैं। यह निर्यात 200-210 डॉलर प्रति टन फ्री ऑन बोर्ड (एफओबी) पर हुआ है। ये शीपमेंट अगले कुछ दिन में कंडला बंदरगाह से रवाना होंगे।  
कारोबारियों के अनुसार भारत का गेहूं निर्यात इस साल अधिक रहने की संभावना है क्योंकि पिछले कुछ महीनों से भारतीय गेहूं के भाव प्रतिस्पर्धात्मक बने हुए हैं। बता दें कि कारोबारियों ने पिछले सप्ताह म्यांमार के साथ 50 हजार टन गेहूं निर्यात करने के सौदे पर हस्ताक्षर किए थे। 
घरेलू बाजार में पिछले कुछ महीनों में गेहूं के दाम घटने से भारतीय गेहूं प्रतिस्पर्धा में आया है। भारतीय गेहूं का औसत निर्यात भाव 200-210 डॉलर प्रति टन एफओबी है जो एक साल पहले 290-300 डॉलर प्रति टन था।    
घरेलू बाजार में गेहूं की बल्क मांग सुस्त होने एवं अधिक उत्पादन से सप्लाई बढ़ने से गेहूं के दाम नीचे आए हैं। वर्ष 2019-20 (जुलाई-जून) में गेहूं की पैदावार पूर्व वर्ष से चार फीसदी अधिक 10.76 करोड़ टन रही। कारोबारियों का कहना है कि गेहूं के दाम अगले कुछ महीनों में और नीचे आ सकते हैं क्योंकि देश में इस साल गेहूं का रकबा पांच फीसदी से ज्यादा बढ़कर 325.35 लाख हैकटेयर पहुंच गया है जो पिछले साल इस समय 313.95 लाख हैक्टेयर था।  
बता दें कि एपीडा के मुताबिक भारत ने अप्रैल से नवंबर के दौरान 750672 टन गेहूं का निर्यात किया है जो पिछले साल समान समय में 154945 टन था। भारतीय गेहूं की मांग बांग्लादेश, श्रीलंका सहित अन्य दक्षिण एवं दक्षिणपूर्व एशियाई देशों में रहती है।

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