23 से 25 फरवरी को टॉय कॉयान का आयोजन

सोलापुर। भारत के सभी राज्यों में खिलौना टॉय के व्यवसाय में अब तक पूरे देश-विदेश में 10 हजार करोड़ का टर्न ओवर होता है। इस खिलौना व्यवसाय में अब तक चाइना के साइज की 50% मोनोपोलियों वेहिकल फार लोकल और आत्मनिर्भर भारत अंतर्गत देशी खिलौना उद्योग क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए केद्र सरकार के विविध मंत्रालय के सहयोग से 23 से 25 फरवरी, 2021 के दौरान `टॉय कॉयान' राष्ट्रीय खिलौन यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। इसीहेतु पूर्तता के लिए खिलौना उद्योगके लिए देशी खिलौना निर्मितों के स्पर्धा में सहभागी होने के लिए नेशनल टॉय फेयर में नोंदणी के लिए 5 जनवरी से नामांकन करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
भारत की विशिष्ट पूर्ण संकल्पनानुसार भारतीय खिलौना तैयार करने के लिए केद्र सरकार द्वारा टॉय कॉयान का संकल्प आयोजित किया गया है। इस क्षेत्र के लिए शाला विद्यार्थी, शिक्षक वर्ग, अभियांत्रिकों, वास्तुकला, डिजाइन क्षेत्र के आर्टिस्ट जानकारी तंत्रज्ञान क्षेत्र के काकर्यशीलतज्ञ, संशोधक, नव उद्यमी को अपने स्वयं कुशलपूर्वक बनाए हुए खिलौना का समावेश इस खिलौना यात्रा प्रदर्शिनी में स्वागत है।
भारतीय संस्कृति, भारतीय जनजीवन, इतिहास, पर्यावरण, तंदुरस्ती और क्रीडा के विविध 50 से ज्यादा विषय पर खिलौना तैयार करने के लिए प्रोत्साहन दिया गया है।
राष्ट्रीय शैक्षणिक, संशोधन, प्रशिक्षण परिषद, आर्ट्स एंड एस्थेटिक विभाग द्वारा इस स्पर्धा का आनलाइन आयजन किया गया है।
वडा प्रधान नरेद्र मोदीजी के स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग किया जाएगा। स्वदेशी वस्तुओं की खरीदी, भारतीय बनावटियों की वस्तु खरीदी करके स्वदेशी उद्योग-धंधा को बढ़ावा दिया जाएगा। इसी अभियान पर आधारित राष्ट्रीय खिलौना यात्रा का प्रयोजन है।
पूरे देश-विदेश में चाइना टाइज की मोनापल्ली है। इस स्पर्धा में भारतीय खिलौना उत्पादित वस्तु पूरे देश-विदेश में जागतिक स्तर पर उचित स्थान मिले ऐसा उद्देश्य इस यात्रा प्रदर्शनी का है।
केद्रीय शिक्षण मंत्रालय के मुख्य नवसंकल्पना अधिकारी अभय डरे जानकारी देते हुए कहा कि भारतीय बनावटी के अस्सल खिलौना हिंदुस्तानी भारतीय संक्ति के अनुसार विज्ञान, संगीत एवं इतिहासिक टच की प्रेरणा से यह खिलौने उत्पादन का उपक्रम नवउद्यमियों के लिए निर्माण किया जा रहा है। इस उपक्रम में शामिल होने वाले उद्यमियों को केद्र सरकार द्वारा 100% आर्थिक सहाय देने की योजना बनाई गई है।
इस नेशनल टॉय फेयर की संकल्पना देश में पहली बार आयोजन किया है।
इस उद्योग द्वारा चीनी आयात क्रम होगी भारत में करीबन सालाना 1000 करोड़ रु. की टाइज की आयात होती है।

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