गणतंत्र दिवस : बड़ी उपलब्धि और कठिन चुनौतियां

विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र वाला भारत अपने 72वें गणतंत्र दिवस का उत्सव मंगलवार को मनाएगा। इस वर्ष संयोग असाधारण होने से उसका उत्सव भी असाधारण और छोटे पैमाने पर होगा। इस वर्ष मुख्य अतिथि के रूप ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉन्सन आने वाले थे लेकिन उनके ही देश में कोरोना नए स्वरूप में फैलकर हाहाकार मचा देने से उनकी यात्रा रद्द हुई, यह पहला ही वर्ष होगा जब गणतंत्र दिवस के अवसर में पहली बार कोई विदेशी मुख्य अतिथि के रूप में हाजिर नहीं होगा। इस दिन सेना के शक्ति प्रदर्शन करने की परंपरा निभानी होगी लेकिन वह छोटे पैमाने पर और सीमित लोगों की उपस्थिति में होगी। देश के विभिन्न क्षेत्र में की गई प्रगति की झलक देने वाले टेबलों के वाहनों की सवारी नहीं निकलेगी लेकिन उससे देश की उपलब्धि कम नहीं होगी। भारत द्वारा पिछले एक वर्ष में प्राप्त की गई एक अनोखी उपलब्धि पर विश्व भर में गौर किया गया। यह उपलब्धि है कोरोना की दो वैक्सीन - कोवैक्सीन और कोवीशील्ड का उत्पादन। एक वर्ष के अल्प समय में देश के वैज्ञानिकों, चिकित्सकों ने अथक परिश्रम द्वारा इस वैक्सीन का परीक्षण किया और इस समय लोगों को टीका दिया जा रहा है।    

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