गार्म़ेंट निर्यातकों को आर्डर मिलना शुरू

गार्म़ेंट निर्यातकों को आर्डर मिलना शुरू
मुंबई। कोरोना का टीकाकरण सर्वत्र शुरू होने से विश्वास बढ़ा है और भारत के गार्म़ेंट निर्यातकों को आर्डर मिलना शुरू हुआ है। अंतरराष्ट्रीय ब्रांड जैसे जारा, एचएंडएम, प्राइमार्क के टाप सप्लायरों ने यह जानकारी दी।
फैशन ब्रांड्स ने समर-स्पिंग सीजन के लिए नए आर्डर देना शुरू किया है। उनको आशा है कि टाप यूरोपियन और नार्थ अमेरिकन मार्केटों में खपत बढ़ेगी। महीना-डेढ़ महीना पहले शिपमेंट रोकने की, आर्डर कøसल करने की और पेमेंट रोकने की बातें होती थी। तब ग्लोबल रिटेलर कोरोना की बढ़ती व्यापकता से चिंतित थे।
वैश्विक ब्रांड अभी तक डिजिटल चैनलों पर निर्भरता रखते आए हø, लेकिन अब उनको आशा है कि मार्च या अप्रैल तक में ग्राहक फिर स्टोर में आना शलरू हो जाएंगे। इससे उन्होंने सावधानीपूर्वक स्टाक बढ़ाना शुरू किया है।
मांग और आनलाइन बिक्री बढ़ने से निर्यात को भी समर्थन मिलने की धारणा है। हालांकि अभी निर्यात आर्डर कोरोना पूर्व के स्तर पर नहीं पहुंचे हø क्योंकि ब्रांड कम से कम जोखिम रखना चाहते हø।
सीएमएआई के चीफ मेंटर राहुल मेहता ने कहा कि पूरी बस्ती तक पहुंचने में अभी समय लगेगा। इससे कंपनियां सतर्क हø।
उद्योग के अनुमान के अनुसार, टेक्सटाइल-एपरल के वैश्विक बाजार का कद जो 2019 में 1.9 ट्रिलियन डालर था, वह बढ़कर 2030 में 3.3 ट्रिलियन डालर के स्तर पर पहुंचने के धारणा है। कुल एपरल मार्केट में 30% हिस्सा यूरोप और यूएसए का है। इन दो क्षेत्रों में टीकाकरण से अंतरराष्ट्रीय आर्डर की संख्या बढ़ी है।
फिर भी मांग फार्मल वेयर के बदले कैज्युअल वेयर की ओर मुड़ी है। नी-लेन्थ, टी शार्ट, ड्रेस और पोलो जैसे क्लोदिंग किस्मों की मांग यूरोप-यूएस में काफी बढ़ी है। जिसका कारण वर्क फ्राम होम माल का चालू रहना है।
भारत के 53,000 करोड़ रु. के निटवेयर निर्यात उद्योग की लॉन्जवेयर कैटेगरी की मांग काफी जोरदार बढ़ी है।

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