धान की रु. 1.20 लाख करोड़ की सरकारी खरीद

धान की रु. 1.20 लाख करोड़ की सरकारी खरीद
नयी दिल्ली । दिल्ली की तमाम सीमाओं पर किसानों के जारी विरोध प्रदर्शन के बीच चालू खरीफ विपणन सत्र में अब तक धान की खरीद में 16 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह खरीद 638.57 लाख टन की हुई है, जिसकी कीमत 1,20,562 करोड़ रुपये है।    खरीफ विपणन वर्ष अक्टूबर से शुरू होता है।    एक सरकारी बयान में कहा गया, ``चालू खरीफ विपणन सत्र (केएमएस) 2020-21 में, सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की मौजूदा योजनाओं के अनुसार किसानों से एमएसपी पर खरीफ 2020-21 की फसलों की खरीद जारी रखे है, जैसा कि पिछले सत्रों में किया गया था।'' बयान में कहा गया है कि सरकार ने 12 फरवरी तक 638.57 लाख टन धान की खरीद की है, जो पिछले विपणन वर्ष की इसी अवधि में 549.30 लाख टन की खरीद से 16.25 प्रतिशत अधिक है।  बयान में कहा गया, ``लगभग 91.69 लाख किसानों को पहले ही 1,20,562.19 करोड़ रुपये के एमएसपी मूल्य पर की गई इस खरीद अभियान से लाभान्वित हो चुके हैं।'' धान की अब तक की गई 638.57 लाख टन की कुल खरीद में से, पंजाब ने अकेले 202.82 लाख टन का योगदान दिया है।  कई राज्यों में एमएसपी के तहत कपास बीज की खरीद कार्य सुचारू रूप से चल रहा है। ``12 फरवरी तक, 18,90,736 किसानों को लाभान्वित करते हुए 26,643.55 करोड़ रुपये मूल्य की 91,35,211 कपास गांठों की मात्रा खरीदी गई है।''  

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