नई टेक्सटाइल पॉलिसी मसौदा तैयार

नई टेक्सटाइल पॉलिसी मसौदा तैयार
सार्वजनिक क्षेत्र की दो इकाइयां बंद करने का प्रस्ताव
नई दिल्ली। नई टेक्सटाइल पालिसी का अभी ड्राफ्ट तैयार हो रहा है और इसे भी अंतिम रूप दिया जाना बाकी है, ऐसी जानकारी केद्रीय टेक्सटाइल मंत्री स्मृति इरानी ने लोकसभा में लिखित जवाब में बताया।
कॉटन, सिल्क, सन, ऊन, हाथ शाल, यंत्रशाल, हøडीक्राफ्ट आदि क्षेत्र की प्रतनिधि, विभिन्न एसोसिएशन, औद्योगिक संस्थाएं, राज्य सरकारों तथा हितधारकों के साथ सरकार व्यापक विचार-बिमर्श कर रही है।
प्रोडक्शन लिंक्ड इनसेंटिव (पीएलआई) स्कीम के दायरे के तहत फोकस प्रोडक्ट इंसेंटिव स्कीम (एफपीआईएस) बनाई जा रही है। फोकस प्रोडक्ट इंसेंटिव स्कीम का उद्देश्य एमएमएफ एपरल और टेक्निकल टेक्सटाइल क्षेत्र में वैश्विक चøपियन स्थापित करना है। इसके अलावा इस क्षेत्र के वैश्विक व्यापार का उल्लेखनीय हिस्सा हासिल करना उद्देश्य है। इसके लिए पांच वर्ष की अवधि के लिए निश्चित इंक्रीमेंटल टर्नओवर पर 3 प्रतिशत से 15 प्रतिशत इंसेंटिव दिया जाएगा। इसमें ब्राउन फिल्ड निवेश के लिए एक वर्ष का गेस्टेशन पीरियड के बाद और ग्रीन फिल्ड निवेश के लिए दो वर्ष के गेस्टेशन पीरियड के बाद यह इंसेंटिव दिया जाएगा।
एक दूसरे प्रश्न के जवाब में स्मृति इरानी ने बताया कि सार्वजनिक क्षेत्र की दो इकाइयां बंद कर देने का विचार है। दी ब्रिटीस इंडिया कार्पोरेशन और दी हøडीक्राफ्ट्स एंड हøडलूम एक्सपोर्टस कार्पोरेशन आफ इंडिया को बंद कर देने का सरकार का विचार है।
ब्रिटीस इंडिया कार्पोरेशन लि. 1981 से राष्ट्रीयकरण करने की तारीख से घाटे में चल रहा है। निरंतर घाटे के कारण ब्रिटीस इंडिया कार्पोरेशन का केस 1991 में बीआईएफआर को सुपूर्द किया गया था और 1992 में इसे बिमार इकाई के तौर पर घोषित किया गया था। सरकार ने रिवाइवल स्कीम को नवंबर 2001-2005 और 2011 में मंजूरी दी थी, लेकिन वह विफल रही।
दी हøडीक्राफ्ट्स एंड हøडलूम एक्सपोर्ट कार्पोरेशन आफ इंडिया लि. लंबे समय से लगातार घाटे में है। इससे इन सार्वजनिक क्षेत्र के इकाइयों का पुनुरुद्धार करना संभव नहीं है।
बिमार घाटा करती सेन्ट्रल, पब्लिक सेक्टर, इंटरप्राइसिस बंद करने के बारे में पब्लिक इंटरप्राइसेस डिपार्टमेंट के दिशा-निर्देश के अनुसार इन दो सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों के कर्मचारियों और वर्क फोर्स के बारे में निर्णय लिया जाएगा ।

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