सीमा पर शांति, कांग्रेस में अशांति

दिल्ली की सीमा पर किसानों के जमावड़े और आंदोलन से ध्यान हटकर अब बंगाल, तमिलनाडु, असम और पांडिचेरी के चुनाव पर है। साथ ही भारत के लद्दाख सीमा से चीनी सेना पीछे हट रही है और अब घर्षण न होने के बावजूद सावधानी और हमारी सेना की तैयारी यथावत है। इस बीच पाकिस्तान और भारत के सैन्य अधिकारियों ने सीमा पर नियंत्रण रेखा पर युद्ध विराम' और संपूर्ण शांति बनाए रखने का समझौता किया है। हलांकि - आतंकवादियों के खिलाफ अपनी कार्यवाही यथावत् चालू रहेगी और जम्मू कश्मीर से सेना भी हटाई नहीं जाएगी। चीन और पाकिस्तान दोनों सीमा पर फुफकार मारते थे, लेकिन भारत के दृढ़-संकल्प और शक्ति को देखते हुए फिर शांत पड़े हø। चीन के आर्थिक हित पर भारत के प्रहार का असर भी हुआ है। सीमा पर तनाव घटने से भारत ने चीन की कंपनियों के लिए `खिड़की' खोली है, वह घोतक है।  पाकिस्तान चीन का अनुकरण नहीं करता, लेकिन अब चीन को गिनता भी नहीं। अमेरिका में बायडन के सत्ता में आने के बाद पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश गया है कि चीन से दूर रहो अर्थात भारत के साथ संबंध सुधारो-बायडन के बाद पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान की कश्मीर के बारे में `सम्मानजनक' समाधान की बात करने लगे हø - लड़ाई की भाषा सुनाई नहीं देती।  इस प्रकार अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत - नरेद्र मोदी की डिप्लोमेसी सफल हुई है।     देश में - गुजरात के हाल के चुनाव में भाजपा को जो विजय मिली है उसे देखकर कांग्रेस के नेता अवाक हो गए हø। विशेषरूप से `आप' और बसपा तथा ओवैसी को जो सफलता मिली है उससे पवन किस दिशा में बह रहा है उसका अंदाज मिल गया है। पंजाब के चुनाव में अमरिंदर को वोट मिला है, कांग्रेस को नहीं। अब कांग्रेस में आंतरिक लोकतंत्र की मांग बढ़ रही है, जिन 23 नेताओं ने अध्यक्ष का चुनाव - मुक्तरूप से होने की मांग की थी वे नेता अब आजिंक्य बने हø। गांधी परिवार राहुल गांधी को ही अध्यक्ष बनाना चाहता है प्रियंका वडरा भी सक्रिय हø जिससे सीनियर नेताओं को विश्वास हो गया है कि गांधी परिवार को परवाह नहीं है और कांग्रेस को गांधी परिवार मुक्त बनाना आसान नहीं है। एक रिपोर्ट के अनुसार गुलाब नवी आजाद की अगुआई में जम्मू में बैठक आयोजित कर गतिविधि शुरू हुई है। हालांकि इस गतिविधि से पुराने - पार्टी छोड़कर चले जाने वालों की घर वापसी शुरू होगी या नहीं वह देखना है।  किसान आंदोलन में तथा लद्दाख सीमा के मामले में राहुल गांधी ने जिस भाषा का उपयोग किया उससे बहुत से कांग्रेस नाराज और निराश हुए हø - हाल में उन्होंने उत्तरभारतीय की तुलना में दक्षिण भारतीय लोगों को अधिक शिक्षित - समझदार बताने की भूल की है वास्तव में उनको कैसी शिष्ट भाषा का उपयोग करना है उसका ज्ञान नहीं है जिससे वफादार नेता भी समर्थन नहीं करते। कांग्रेस में क्या पक रहा है उसे देखने के लिए बंगाल - आदि चुनाव के परिणाम की प्रतिक्षा करनी होगी।  --------  किसान नेता - राकेश टिकैत ने 40 लाख टैक्टरों की फौज लाकर नई दिल्ली में संसद परिसर का घेराव करने की घोषणा की है तो दूसरी ओर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह मध्यस्थता करें तो समाधान हो सकता है ऐसा भी कहा है।...  ----  राहुल गांधी ने अंबानी - अदानी मानो देश के दुश्मन हो ऐसा प्रचार किया है तब मुंबई में अंबानी परिवार के निवास स्थान - महल के निकट - जो कार विस्फोटक पदार्थ के साथ मिला है उसकी जांच हो रही है, लेकिन राजनीतिक नेताओं को वाणी विलास - संभव असर पर विचार करके करना चाहिए।  

© 2021 Saurashtra Trust

Developed & Maintain by Webpioneer