हीरा उद्योग सूरत में हो रहा विकसित

हीरा उद्योग सूरत में हो रहा विकसित
जनवरी में हीरा का 65 से 70 प्र.श. आयात हुआ सूरत में   मुंबई। शहर के हीरा के अनेक निर्यातक अपने खर्च में कमी करने और पालिश्ड हीरा के व्यापार का एक सूत्रीकरण करने के लिए सूरत में अपनी इकाइयों का स्थानांतरण कर दिया है। लॉकडाउन के समय के दौरान ही अनेक निर्यातकों ने अपने आयात और निर्यात का सूरत से संचालन किया था और अपना कुछ बिजनेस सूरत में शिफ्ट किया है।  जनवरी में हीरा का 65 से 70 प्र.श. आयात सूरत से हुआ। गत जनवरी में देश में रफ हीरे का आयात 9215.16 करोड़ हुआ और गत वर्ष की तुलना में उसमें 69 प्र.श. की वृद्धि हुई।  हालांकि जेम्स एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काøसिल-जीजेईपीसी के वाइस चेयरमैन विपुलभाई ने जोर देकर कहा कि हीरा व्यापार में मुंबई का महत्व कायम रहेगा, क्योंकि सेल्स और मार्केटिंग मुंबई से ही संभव है।  हीरा उद्योग अभी भी कोविड महामारी के प्रभाव का सामना कर रहा है और लॉकडाउन के दौरान वतन गए कारीगर भी अभी वापस नहीं आए हø। जिससे कुशल कारीगरों की कमी है।  जीजेईपीसी के रिजनल चेयरमैन दिनेश नावडिया ने कहा कि मुंबई में फिर से कोविड के मामले बढ़ रहे है, तब सूरत से व्यापार का चलना उद्योग को जीवंत रखने के लिए अनिवार्य है।  उन्होंने आगे कहा कि सूरत डायमंड बुर्स की रचना होने के बाद यहां के हीरा उद्योग को एक नई पहचान मिलेगी और उसका महत्व बढ़ेगा। आगामी मई महीने तक में सूरत डायमंड बुर्स कार्यान्वित होने की उम्मीद है।  

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