अनाज के रिकॉर्ड वैश्विक उत्पादन की संभावना

अनाज के रिकॉर्ड वैश्विक उत्पादन की संभावना
खाद्यान्न जिंसों की बढ़ती महंगाई पर लगेगी लगाम
रमाकांत चौधरी
नई दिल्ली । दुनिया भर में इस वर्ष अनाजों का रिकॉर्ड उत्पादन होने की संभावना है।जिससे कोरोना काल में कृषि उत्पादों की महंगाई पर लगाम लगेगी।जिसके तहत अंतरराष्ट्रीय बाजार में गेहूं,चावल मक्का सहित कई अन्य खाद्यान्न जिंसों की कीमतों में नरमी आई है।वहीं भारत में भी इस वर्ष खाद्यान्न जिंसों का रिकॉर्ड उत्पादन होने का अनुमान है।
दरअसल इंटरनेशनल ग्रेंस काउंसिल (आईजीसी) के नवीनतम अनुमान के तहत अनाज का वैश्विक उत्पादन 2021-22 में 2.28 अरब टन से अधिक होने की संभावना है।ऐसे में आपूर्ति बढने के बावजूद कैरीफॉरवर्ड स्टॉक का कोई दबाव नहीं होगा। जिसको लेकर आईजीसी के अनुमान के तहत गेहूं का वैश्विक उत्पादन पिछले सीजन के 77.4 करोड़ टन से बढकर इस वर्ष 79 करोड़ टन तक पहुंचने की संभावना है।ऐसे में गेहूं के प्रमुख निर्यातकों में शुमार फ्रांस में गेहूं का उत्पादन पिछले सीजन के 304 लाख टन से बढकर 373 लाख टन होने की संभावना है।वहीं अर्जेटीना में गेहूं का उत्पादन 172 लाख टन से बढकर 203 लाख होने की संभावना है।बहरहाल रुस में गेहूं का उत्पादन 854 लाख टन से घटकर 769 लाख टन रह जाने का अनुमान है।वहीं आईजीसी के अनुमान के तहत मक्के का वैश्विक उत्पादन पिछले सीजन के 113.9 करोड़ टन से बढकर 119.3 करोड़ टन होने की संभावना है।जिसके तहत अमेरिका में मक्का का उत्पादन पिछले सीजन के 36.03 करोड़ टन से बढकर 38.4 करोड़ टन होने की संभावना है।वहीं आईजीसी के अनुमान के तहत सोयाबीन का वैश्विक उत्पादन 2021-22 में 38.3 करोड़ टन होने की संभावना है जो कि पिछले वर्ष के 36.1 करोड़ टन से अधिक है।वहीं आईजीसी के अनुमान के तहत चावल का वैश्विक उत्पादन पिछले सीजन के 50.4 करोड़ टन से बढकर 2021-22 में 51 करोड़ टन होने की संभावना है। हालांकि भारत दुनिया में चावल का प्रमुख उत्पादक व निर्यातक देश है और कोरोना काल में देश से चावल के निर्यात में जबरदस्त इजाफा हुआ है।ऐसे में वैश्विक स्तर पर चावल के विशेषज्ञों की तरफ से कहा जा रहा है कि पिछले दिनों कंटेनर की कमी के चलते चावल निर्यात पर थोड़ा असर जरुर पड़ा था बहरहाल भारतीय चावल की मांग अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगातार बनी हुई है।वहीं आईसीजी के अनुमान के तहत अनाजों के वैश्विक अनुमानों में इजाफा होने के साथ साथ खपत में वृद्वि होने से सीजन के आखिर में अनाजों का वैश्विक बचा हुआ स्टॉक 60.9 करोड़ टन रह सकता है।वहीं भारत सरकार की तरफ से फरवरी में जारी फसल वर्ष 2021-22 के दूसरे अग्रिम उत्पादन अनुमान के तहत देश में अनाजों का रिकॉर्ड उत्पादन 30.33 करोड़ टन होने का अनुमान है।जिसमें चावल का उत्पादन 12.03 करोड़ टन और गेहूं का उत्पादन 10.92 करोड़ टन का आकलन किया गया है।

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