कोरोना नियंत्रणों से एपरल रिटेलरों की आशा पर पानी फिरा

अप्रैल में बिक्री गत महीने की तुलना में 20 से 50 प्र.श. तक घटेगी
नई दिल्ली। जनवरी से मार्च तिमाही अवधि में संगठित क्षेत्र के एपरल रिटेलरों की बिक्री में सुधार देखा गया, लेकिन मार्च महीने के मुकाबले अप्रैल महीने में रेडीमेड वत्रों की बिक्री 20 से 50 प्र.श. कम होने की संभावना है। महाराष्ट्र में गैर आवश्यक स्टोर महीने भर बंद रहने से बिक्री अधिक घटेगी।
जनवरी और फरवरी में सेल्स इवेंट के कारण और कोविड केस घटने के कारण बिक्री बढ़ी थी, लेकिन मार्च मध्य के बाद कोरोना केस बढ़ने और नियंत्रण लागू होने से रिकवरी धीमी हुई है। उक्त जानकारी आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज रिपोर्ट में दी गयी है। 2020-21 की चौथे क्वाटर में अप्रैल की बिक्री बढ़कर कोविड पूर्ण के लेबल के 80 से 85 प्र.श. तक पहुंच गयी थी। वीमेंस एथनिक वेयर ब्रांड वीबा इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर सिद्धार्थ बिंद्रा ने बताया कि परंपरागत नए वर्ष के उत्सव - गड़ीपाड़वा, उगादी और अन्य त्योहार जो आंशिक लॉकडाउन होने से बिक्री में 30 से 50 प्र.श. कमी होने की धारणा है। महाराष्ट्र में इसका गहरा असर होगा। महाराष्ट्र में इसके 35 जितने स्टोर फिलहाल बंद है।
कोरोना के केस जहां अधिक है वहां लोग घर से बाहर निकलने में घबरा रहे हø। इससे माल और हाई स्ट्रीट में ग्राहकी घट रही है।
जैन अमर क्लोदिंग प्रा. लि. के एक्जिक्यूटिव डायरेक्टर अखिल जैन ने बताया  कि खरीदी के लिए लोग सामान्यत: शाम को 6 से 8 के बीच में बाहर निलकते हø, लेकिन महाराष्ट्र में पुल वीक एंड लॉकडाउन से रिटेलर्स धंधा खो रहे हø। मार्च की तुलना में अप्रैल की बिक्री 20 प्र.श. कम होने की धारणा है। उपभोक्ता का रुझान अब प्रासंगिक वत्रों या फारमल वेयर के बदले कैज्युवल वेयर की तरफ अधिक है। उन्होंने खरीदी भी घटा दी है, यदि कोरोना की दूसरी लहर न आयी होती तो हम 2019 के दूसरे क्वाटर में 95 प्र.श. या 100 प्र.श. लेबल पर पहुंच गए होते। इसके बावजूद कोरोना की दूसरी लहर आने से अब 19 के 80 से 85 प्र.श. के लेबल पर ही हम पहुंच सके। ऐसी जानकारी बेनेटोन इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर संदीप ने दी।

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