अर्थव्यवस्था को सुधारने हेतु नए राहत पैकेज के ऐलान की संभावना

अर्थव्यवस्था को सुधारने हेतु नए राहत पैकेज के ऐलान की संभावना
कई राज्यों में नाईट व वीकेंड कर्फ्यू से अर्थव्यवस्था धीमी पड़ने की आशंका
हमारे संवाददाता
नई दिल्ली । देश में कोरोना के नए संक्रमण के मामले सुनामी जैसे तेजी की रफ्तार से बढ रखी है।जिसको लेकर देश की कई राज्य सरकारों की तरफ से अपने अपने राज्यों में नाईट कर्फ्यू और वीकेंड कर्फ्यू आरोपित कर दिया गया है और कई अन्य राज्यों में भी ऐसे ही सख्त प्रावधान करने की सुगबुगाहट बढ रखी है।जिससे देश की अर्थव्यवस्था में सुधार की रफ्तार प्रभावित होने की आशंका है।ऐसे में देश की अर्थव्यवस्था की रफ्तार को सुधार की राह पर कायम रखने को लेकर केद्र सरकार की तरफ से एक और राहत पैकेज का ऐलान करने की संभावना है।जिसको लेकर देश के उद्योग व्यापार जगत की तरफ से देखो और इंतजार करो की नीति अख्तियार किए हुए हø और इस मामले पर विशेष रुप से उत्सुकता लगी हुई है। 
दरअसल देश के कई राज्यों में कोरोना के नए संकमण की विस्फोटक स्थिति के चलते कई राज्य सरकारों की तरफ से नाईट व वीकेंड कर्फ्यू आरोपित कर दिया गया है जिससे लॉकडाउन जैसे हालात उत्पन्न हो रखे हø।जिसको लेकर एक रिपोर्ट में कहा गया है कि देश की अर्थव्यवस्था पर प्रत्येक सप्ताह औसतन 1.25 अरब डॉलर का नुकसान होगा। जिससे चालू वित्त वर्ष 2021-22 की प्रथम तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्वि दर 1.40 प्रतिशत प्रभावित हो सकती है।वहीं यदि देश में कोरोना महामारी की दूसरी लहर से आम लोगों की आजीविका बाधित होती है तो केद्र सरकार की तरफ से नए राहत पैकेज देने के कदम उठाए जा सकते हø ऐसी सुगबुगाहट है।उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष 26 मार्च से 17 मई के बीच केद्र सरकार की तरफ से आर्थिक प्रोत्साहन सह राहत पैकेज की घोषणा की गई थी ताकि कोरोना महामारी से प्रभावित कारोबारी गतिविधियों को सुधार जा सकेगा।जिसके तहत केद्र सरकार ने यह आर्थिक पैकेज 20.97 लाख करोड़ रुपए का था।जिसको लेकर केद्र सरकार की तरफ से दावा किया गया था कि यह राहत पैकेज भारत के कुल सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी का लगभग 10 प्रतिशत है।इसीबीच देश में कोरोना महामारी के नए संक्रमण के विस्फोटक स्थिति को देखते हुए केन्दीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 13 अप्रैल 2021 को स्पष्ट रुप से कहा कि केद्र सरकार लॉकडाउन नहीं लगाएगी और कोरोना महामारी को थामने को लेकर सिर्फ स्थानीय स्तर पर नियंत्रण के कदम उठाए जाएंगे।उन्होंने कहा कि केद्र सरकार उद्योग की किसी भी आवश्यकता,विशेष रुप से सूक्ष्म,लघु व मध्यम उद्यम (एमएसएमई) का जवाब देगी ताकि आर्थिक गतिविधियां और आजीविका किसी तरह से बाधित नहीं हो सकेगी।उन्होंने केद्र सरकार अपने टीकाकरण अभियान का विस्तार भी कर सकती है ताकि कोरोना महामारी की गंभीरता और इसके प्रसार को रोका जा सकेगा।

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