इस वर्ष भी मानसून रहेगा सामान्य : आईएमडी

इस वर्ष भी मानसून रहेगा सामान्य : आईएमडी
नई दिल्ली। जून शुरू में नैIत्य मानसून इस वर्ष भी सामान्य रहने का पूर्वानुमान सरकारी विभाग ने किया है।
बारिश को प्रभावित करने वाली ला नीना तथा एल नीनो जैसी घटनाएं इस वर्ष नहीं रहेगी और देश में कुल मिलाकर दीर्घावधि में औसतन 98 प्र.श. जितना बारिश होने का पूर्वानुमान केद्रीय मानसून विभाग ने लगाया है। बारिश में अनुमानत: 5 प्र.श. जितनी घटबढ़ होने की संभावना है। दीर्घावधि में औसतन 96 से 104 प्र.श. जितनी बारिश सामान्य मानी जाती है।
मानसून विभाग के प्राथमिक अनुमान के अनुसार देश में पूर्व और पूर्वोत्तर विभाग अर्थात् उड़ीसा, बिहार, उत्तर छत्तीसगढ़, पूर्वी उत्तर प्रदेश, आसाम, सिवाय क्षेत्रों में बारिश सामान्य रहेगी।
अनेक विशेषज्ञों के अनुसार पूर्व और पूर्वोत्तर के क्षेत्रों में सामान्य की तुलना में कम बरसात हो तो वह हानिकारक ही हो ऐसा नहीं, क्योंकि वहां बारिश का औसत और दैनिक औसतन बारिश देश के अन्य क्षेत्रों की तुलना में अधिक होती है।
मानसून विभाग ने कहा कि इस वर्ष खौफनाख एल नीनो सर्जित होने की संभावना कम है। इसी प्रकार भारत में प्रभावित करने वाली अन्य घटना इंडियन ओशन डाइपोल भी इस वर्ष निष्क्रिय रहने की संभावना है।
यदि देश में अच्छी, समय पर और समय तथा स्थान के दृष्टि से सब जगह बरसात पड़े तो इस वर्ष भी अनाज और अन्य पैदावार बम्पर होगी और महंगाई से दोहरे मोर्चे पर लड़ रही अर्थव्यवस्था को राहत मिलेगी।
कुछ दिन पहले स्कायमेट द्वारा भी इस वर्ष मानसून सामान्य रहने का पूर्वानुमान किया गया था। हालांकि उसके अनुमान के अनुसार कुल मिलाकर बारिश दीर्घावधि की औसतन 103 प्र.श. होगी। स्कायमेट के माडल में 5 प्र.श. की घटबढ़ का अवकाश रहता है। यदि यह दोनों पूर्वानुमान सही रहा तो देश में निरंतर तीसरे वर्ष मानसून सामान्य रहेगा।
2020 में कुल मिलाकर दीर्घावधि की औसतन 109 प्र.श. जितनी और 2019 में 110 प्र.श. जितना रही।
उपरी तौर पर तीन मानसून अच्छा गया हो इस तरह पिछले 96-98 के दौरान हुआ था।
अच्छे मानसून के कारण 2020-21 में अनाज का उत्पादन 30 करोड़ टन को पार कर गया था जो एक रिकार्ड है।

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