कोविड लहर : सेबी ने अनुपालन जरूरतों के लिये समय-सीमा बढ़ायी

वित्तीय परिणाम देने के लिये अतिरिक्त समय
नयी दिल्ली । बाजार नियामक सेबी ने कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर के बीच अनुपालन जरूरतों को पूरा करने को लेकर समयसीमा बढ़ा दी है। इसके तहत कंपनियों को चौथी तिमाही के परिणाम की जानकारी देन के लिये 45 दिन की छूट दी गयी है। साथ ही सालाना परिणाम की घोषणा के लिये एक महीने अतिरिक्त समय दिया गया है। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) को कोविड महामारी और उसकी रोकथाम के लिये विभिन्न राज्यों में लगायी गयी पाबंदियों के कारण सूचीबद्ध इकाइयों, उद्योग मंडलों और बाजार प्रतिभागियों से विभिन्न सूचनाओं की जानकरी देने और कुछ अनुपालन बाध्यताओं के लिये समयसीमा बढ़ाने के लिये अनुरोध पत्र मिले थे।   सेबी ने एक परिपत्र में कहा कि तिमाही वित्तीय परिणाम के संदर्भ में कंपनियों को मार्च तिमाही के परिणाम की जानकारी देने के लिये 45 दिन यानी 30 जून, 2021 तक का समय दिया गया है।   नियमों के तहत कंपनियों को तिमाही समाप्त होने के 45 दिनों के भीतर वित्तीय परिणाम की घोषणा करती होती है। इसके तहत समयसीमा 15 मई है। वित्त वर्ष 2020-21 के लिये वित्तीय परिणाम की जानकारी देने के लिये समयसीम 30 जून तक बढ़ा दी गयी है। सामान्य तौर पर सूचीबद्ध कंपनियों को सालाना परिणाम की घोषणा वित्त वर्ष समाप्त होने के 60 दिनों के भीतर करनी होती है।   इसके अलावा, कंपनी कानून के तहत संबंधित रिकार्ड से जुड़ी जानकारी देने के लिये समयसीम 30 जून तक बढ़ा दी गयी है। वित्तीय परिणाम के अलावा, सेबी ने कंपनियों को कोष के उपयोग में विसंगति या अंतर के बारे में सूचना देने के लिये 45 दिन का अतिरिक्त समय दिया है। इस संदर्भ में सालाना रिपोर्ट के मामले में एक महीना अतिरिक्त दिया गया है। एक अन्य परिपत्र में सेबी ने उन कंपनियों के लिये भी अनुपालन नियमों में छूट दी है जिन्होंने अपने बांड या ऋण प्रतिभूतियों को सूचीबद्ध किया है। इसके तहत नियामक ने एनसीडी (गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर), एनसीआरपीएस (गैर-परिवर्तनीय विमोच्य तरजीही शेयर) और वाणिज्यिक पत्र के संदर्भ में छमाही वित्तीय परिणाम की जानकारी देने के लिये समयसीमा 45 दिन बढ़ा दी है। साथ ही सालाना आय के बारे में सूचना देने के लिये 30 दिन अतिरिक्त यानी 30 जून तक का समय दिया है।

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