कपास का निर्यात 60 लाख गांठ से अधिक होने की संभावना

कपास का निर्यात 60 लाख गांठ से अधिक होने की संभावना
रमाकांत चौधरी
नई दिल्ली । इस बार देश से कपास का निर्यात 20 प्रतिशत बढकर 60 लाख गांठ से अधिक होने की संभावना है.वहीं पिछले वर्ष भारत से 50 लाख गांठ कपास का निर्यात हुआ था. जिससे कपास के निर्यातकों  सहित  कपास किसानों को फायदा पहूंचने की उम्मीद है. दरअसल देश की सरकारी एजेंसी जो कि कपास की खरीद और फरोख्त में संलग्न है वह काटन कारपोरेशन आफ इंडिया यानी सीसीआई की तरफ से अनुमान जताया गया है कि इस बार देश में कपास का निर्यात 20 प्रतिशत बढ सकता है.वहीं सीसीआई की तरफ से यह भी अहा गया है कि विश्व बाजार में कपास में तेजी रहेगी जिससे भारत को कपास निर्यात में फायदा मिलेगा.वही. पिछले वर्ष भारत से 50 लाख गांठ कपास का निर्यात हुआ था जो कि इस बार बढकर 60 लाख गांठ से अधिक होने की संभावना है.वैसे भी इस वर्ष 10 लाख गांठ से अधिक कपास का निर्यात बढ सकता है क्योंकि विश्व बाजार में कपास में बनी हुई है.यद्यपि अन्य देशों की तुलना में भारतीय कपास अपेक्षाकृत सस्ती है.जिससे अन्य देशों से भारतीय कपास की मांग बढ सकती है.जिससे भारतीय कपास के किसानों को भारी फायदा होने की उम्मीद है.इस समय भारत औल विश्व बाजार में कपास के दामों में 10 से 15 प्रतिशत का अंतर है.विश्व बाजार में अमेरिकी डालर के हिसाब से कपास की मूल्य निर्धारित होती है.वही.31 मार्च 2021 तक भारत से 43 लाख गांठ का कपास निर्यात हो चुका है.वही.अक्टूबर 2020 से लेकर मार्च 3021 तक 459.26 लाख गांठ कपास की सप्लाई हो चुकी है.वहु.घरेलू कपास की मांग बनी रहेगी और आगे मांग में बढोतरी की संभावना है.वही. इस वर्ष देश में 165 लिख गांठ कपास की खपत हो सकती है.वहीं मार्च महीने तक देश में 251.27 लाख गांठ कपास स्टाक की उम्मीद की गई थी जिसमें 95 लाख गांठ कपड़ा मिलों और 157.26 लाख गांठ सीसीआई और महाराष्ट्र फेडरेशन के पाह हैदेश में लाकडाउन के पहले जितनी कपास की मांग थी इह वर्ष उतनी ही मांग बनी रहने की उम्मीद है.ऐसे में यह मांग 330 लाख गांठ बताई जा रही है.

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