2020-21 में भारतीय जैविकखाद्य उत्पादों का निर्यात बढ़कर $ एक अरब पर पहुंचा

2020-21 में भारतीय जैविकखाद्य उत्पादों का निर्यात बढ़कर $ एक अरब पर पहुंचा
नयी दिल्ली । देश के जैविक खाद्य उत्पादों का निर्यात सालाना आधार पर 51 प्रतिशत बढ़कर वर्ष 2020-21 में एक अरब डॉलर (7,078 करोड़ रुपये) तक पहुंच गया। वाणिज्य मंत्रालय ने मंगलवार को यह जानकारी दी। निर्यात में स्वस्थ वृद्धि दर्ज करने वाले मुख्य सामानों में तिलहन खली, तिलहन, फलों के गूदे और प्यूरी, अनाज और बाजरा, मसाले, चाय, सूखे मेवे, चीनी, दालें, कॉफी और आवश्यक तेल शामिल हैं।    भारत के जैविक उत्पादों को संयुक्त राज्य अमेरिका, यूरोपीय संघ, कनाडा, ग्रेट ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, स्विट्जरलैंड, इजरायल और दक्षिण कोरिया सहित 58 देशों को निर्यात किया गया है।    मौजूदा समय में जैविक उत्पादों को भारत से तभी निर्यात किया जाता है, जब वे ऑर्गेनिक प्रोडक्शन (एनपीओपी) के राष्ट्रीय कार्यक्रम की आवश्यकताओं के अनुसार उत्पादित, संसाधित, पैक और लेबल किए जाते हैं।    एनपीओपी प्रमाणीकरण को यूरोपीय संघ और स्विटजरलैंड द्वारा मान्यता दी गई है जो अतिरिक्त प्रमाणन की आवश्यकता के बिना भारत को इन देशों में अप्रसंस्कृत पौध उत्पादों का निर्यात करने में सक्षम बनाता है।  इसके अलावा, इसने कहा कि प्रमुख आयात करने वाले देशों के साथ व्यापार को सुविधाजनक बनाने के लिए भारत से जैविक उत्पादों के निर्यात के लिए आपसी मान्यता समझौते प्राप्त करने के लिए ताइवान, कोरिया, जापान, ऑस्ट्रेलिया, यूएई, न्यूजीलैंड के साथ बातचीत चल रही है। 

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