सोलापुर की गार्म़ेंट इंडस्ट्री में भी कामकाज ठप्प

युनिफार्म गार्म़ेंट उत्पादक भी माहौल के सामने बेबस
हमारे प्रतिनिधि
मुंबई । महाराष्ट्र राज्य का एक शहर सोलापुर, जो चद्दर एवं टॉवेल के उत्पादन हेतु काफी प्रयत्न है किंतु गत कुछ वर्ष़ों से इस शहर ने अपनी और एक अलग पहचान कायम कर ली है और वह पहचान है, गार्म़ेंट उत्पादक शहर और विशेषकर यूनिफार्म गार्म़ेंट उत्पादक शहर के रूप में जिस तरह यहां की चद्दरों एवं टॉवेल देश-विदेश में सप्लाई होते ह उसी तरह यहां उत्पादित रेडीमेड यूनिफार्म भी देश-विदेश में अपनी पहचान कायम कर रहे ह।
सोलापुर कपड़े की होलसेल मंडी भी है और गार्मेंट उत्पादक सेटर भी है। जिसके चलते इस कपड़ा मंडी में कपड़े का व्यवसाय काफी अच्छा रहता है, और विशेषकर यूनिफार्म गार्म़ेंट का उत्पादन यहां काफी अच्छी मात्रा में होता है। जिसके चलते यूनिफार्म फैब्रिक उत्पादकों हेतु भी यह काफी बड़ी मार्केट है।
कोरोना काल में इस मंडी के व्यवसाय पर भी काफी असर किया है। गत वर्ष रेडी में यूनिफार्म एवं फøसी गार्म़ेंट की पूरी सीजन फेल हो गई तब कुछ गार्म़ेंट उत्पादक ने मास्क एवं पीपीई का उत्पादन प्रारंभ कर अपनी जिविका चलाने की कोशिश की फिर दिपावली पश्चात थोड़ा समय सकारात्मक दिखने लगा तो गार्म़ेंट्स द्वारा फिर से स्कूली यूनिफार्म की सीजन की तैयारी प्रारंभ कर दी गई, साथ ही लगन सीजन अनुरूप फैन्सी गार्म़ेंट उत्पादकों ने भी अपनी सेम्पलिंग बना ली, किंतु समय फिर एक बार उन्हें मार्च 2020 की परिस्थिति में लग गया और अब स्थिति ऐसी है कि यूनिफार्म गार्म़ेंर्ट्स के पास गत वर्ष का रेडी स्टाक माल तो पड़ा ही है और इस वर्ष भी सब कुछ सामान्य हो रहा है, उसकी उम्मीद करते हुए नई फैब्रिक लेकर उत्पादकों ने अपने रेडी स्टाक को और भी बढ़ा दिया और फिर लॉकडाउन हो गया जिसके चलते हर तरह के गार्म़ेंर्ट्स तकलीफ में आ चुके हø एक तरफ फैब्रिक के सप्लायर्स को पेमेंट देने की टेंशन, दूसरी तरफ घर में माल का स्टाक और तीसरी तरफ बाजार में बकाया रकम की वसूली भी नहीं हो पा रही, इन्हीं सभी स्थितियों के चलते सोलापुर की गार्म़ेंट भी संकट में है।

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