लॉकडाउन के चलते गारमेंट रिटेल व्यापार एकदम ठप

लॉकडाउन के चलते गारमेंट रिटेल व्यापार एकदम ठप
दुकानदार रोज के खर्च निकालने के लिए चिंतित 
हमारे संवाददाता
सूरत । पहले नाइट कर्फ्यू और अब मिनी लॉकडाउन जैसे नियंत्रणो के विपरीत परिणाम गारमेंट  रिटेल मार्केट को झेलने पड़ रहे हैं।   सूरत के अडाजण, घोड़दौड़ रोड, लाल गेट, और रांदेर जैसे जगहों पर 100 से भी अधिक रिटेल गारमेंट शो-रूम हैं।  जिनमें लोकडाउन के चलते व्यापर 80 प्रतिशत जितना काम हो गया है।  व्यापार  बंद होने से अब कर्मचारियों की तनखा, किराये, अन्य बिल जैसे रोजके खर्चे निकलने की चिंता व्यापारियों को हो रही है।  अगर रिटेल शो रूम और लम्बे समय तक बंद रहेंगे तो उत्पादन इकाइयों को भी काम बंद करना पड़ेगा।  बैसे भी अभी होलसेल और उत्पादन के नए औदारों में भारी कमी आयी है।  अगर यही स्थिति रही तो व्यापारियों की मुश्किलें और भी बढ़ जाएँगी।   
अप्रैल की शुरुआत से ही कोरोना संक्रमण बढ़ने और रात्रि कर्फ्यू होने से काम-काज 80 प्रतिशत तक काम हो गया था। प्रतिदिन 1 लाख का व्यापार करने  मुश्किल से 15-20 हजार व्यापर कर रहा था लेकिन फिर भी थोड़ा बहोत काम चलने से व्यापारियों के खर्चे निकल रहे थे।  लेकिन लोकडाउन हो जाने से लोगों को रोज के खर्चे निकलने में भी दिक्कतें आ रही हैं।  
सूरत की भगवान् दास एन्ड कंपनी के जतिन चलियावाला बताते हैं की नाईट कर्फ्यू तक ठीक था।  लोग टेस्टिंग और वैक्सीनेशन के नियमों का पालन करके दुकान चला रहे थे।  मास्क और सेनेटाइजर का भी उपयोग करते थे, तो संक्रमण फैलने का डर कम हो सके। नाईट कर्फ्यू का समय भले ही बढ़ाया जाए लेकिन दुकानें खोलने देने से छोटा -मोटा व्यापर होने की व्यापारियों को आशा रहती है।   
उन्होंने कहा की पिछले साल भी लॉकडाउन के चलते 50 प्रतिशत कर्मचारी बेरोजगार गए थे। 50 प्रतिशत रोटेशन चल रहा है।  बाजार बंद रहने से बिना कमाई के खर्चे कैसे निकाले ये चिंता व्यापारियों को सत्ता रही है।  

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