सब्जियों की पूर्ति सामान्य, फलों के भाव आसमान पर

सब्जियों की पूर्ति सामान्य, फलों के भाव आसमान पर
तिलहन में तेजी और खाद्य तेल कुछ घटकर पुन: ऊंचे
हमारे संवाददाता
विगत् पिछले कुछ हप्तो में खुदरा महंगाई की चर सीमा लांघ चुकी है । कीचन सामग्रियां के कारण घरों का बजट बढती महंगाई से बिगडता जा रहा ह ग् । जनता के विश्लेषको  के अनुसार कीचन सामग्रियो के बाजारवाद में जबसे एफडीआई और उंचे घरानो का प्रवेश हुआ है  खुदरा महंगाई बढती जा रही है । इस बारे में उनसे ली गई जानकारी के विषय में कि खुदरा मार्केट में उनके प्रवेश से महंगाई का क्या संबध ? उन्होने बताया कि उनके प्रवेश और बाजार में पैर जमाने के लिये तत्कालीन दरों पर वे  कीचन सामग्रियो की खरीद ाड्ड और स्टॉक पर भारी निवेश करते है । सटटे् वाले क्षैत्र और ऐजेंसियां बाजार की मांग बढने पर वार्षिक उत्पादन -स्टॉक घटते-बढते पर महंगाई को हवा देते है ।  इस प्रकार उंची कंपनियों के उनके स्टॉक निवेश पर उन्हे लाभ निकलता जाता है और यह प्रोसेस पिछले दो दशको में भारी फैल चुका है । इससे छोटा व्यापारी भी महंगाई की भारी  मार से अछुता नही रहा ।  
 तिलहन और खाद्य तेलो पर  पूरे दबाव से सटट्बाजी जारी है । राष्ट्रिय और अंतर्राट्रिय व्यापार इस तेजी के चपेटे में है । गत् हप्ते अंतराष्ट्रिय विदेशी सटट् संस्थाऐ मलेशियन केएलसी मई वायदा सर्वकाली उंचे होकर 4150 पाइंट के उपर तक हो चुका बताया जा रहा था ।  गत् हप्ते गुरूवार को सीबॉट में सोया तेल वायदा 121 पाइंट मंदी में बंद रहा  और शिकागो सोयाबी वायदा प्लस 5 पाइंट  पर रहा । गुरूवार को मलेशियन बुर्सा  केएलसी 153 प्लस 4197 पाइंट की तेजी तक उपर जाकर नीचे में 76 पाइंट प्लस और  4120 पर बंद रहा ।  मगर भारत में एनसीडीएक्स में  सोया-पाम तेल पर तेजी जारी थी कि गुरूवार को यह और तेजी पर थी बताया गया है । कोरोना महामरी कहर में इस बार सब्जिया तें सीति भाव के दायरे में है मगर फलो ने फिर भाव में छलांग लगाई । सेंवफल 280 रू किलो , ंअगुर 120-140 रू किलो , मौसंबी 120-130 रू किलो,  पपया -60-70 रू किलो गर्मी का मरीज् के नारियल भाव 40 रू से उछलकर 70-80 रू भाव चल रहा है । प्रशासन  की नई जनता कर्यू  अर्थात किराना दूकान  और  सब्जी दूकान अब स्कीम के अंतर्गत्  मंगलवार और गुरूवार का खुलेगी  । इसमें हांलाकि जनता हलचल  बढ जाती है ।     
विगत् हप्ते तिलहन और तेल कुछ उपरी भाव में कुछ  जिसमें पुन: तेजी आ गई है ।  जिस तरह तेजी बनती जा रही है उसके पीछे  एक तो भारतीय सोया डीडोसी मुंगफल केक की भारी मांग जिसमें सोया खली का वर्तमान भाव  61500 रू पर भी बनी हुई बताया जा रहा है । इससे तिलहन भाव छलांगे लगा रहे है । चीन की भारी अग्रिम मांग बताई जा रही है ।  बताया जा रहा है कि पिछले माहो से बढती तेजी पर चीन का भारी स्टॉक जमा होना चीन को अगले एक वर्ष की राहत दे सकता है । तो क्या चीन का अंतराष्ट्रिय षडयंत्र इस भारी तेजी के पीछे है जिसमें उंची अंतराष्ट्रिय वायदा बाजार की संस्थाऐ भारी लाभ कमाई कर रही है ।  भारतीय जन विश्लेषको का मानना है कि भारत को अपनी जन व्यवस्था  और महामारी अंतराष्ट्रिय स्तर पर महामारी  समय में गौर करना चाहिये । दैनंदिनी राशनदारो के पास कमाई है नही और महंगाई है कि विकराल रूप ले रही है । विगत हप्ते तिलहन तेल  कुछ मंदे हुऐ थे जिसमें कि गते हप्ते फिर तेजी व्याप्त होकर भाव उंचे हो गये है । विश्लेषको की माने तो  कोरोना महामारी का गत् वर्ष जिस तरह भारी मंदि के बाद भारी तेजी में निकला  उसमें अंतर्राष्ट्रिय सटटा् संस्थान  और स्टाकिस्ट भारी लाभ कमाई करते जा रहे है । अंतर्राष्ट्रिय स्तर पर जिस तरह से तिलहन और तेलो पर तेजी बनाई जा रही है उसकी चापेटे में शुद्ध भारतीय फसल  मंगफली, सरसो  और कपास्या  तिलहन तेल भी  इसके चपेटे में आ रहे बताऐ जा रहे है । हांलाकि विश्लेषको का यह भी मानना है  भारत में  खरीफ अगली साईन फसल के पूर्व तिलहन आाग्र एक अति उंचाई के भारी मांग अभाव से भारी मंदे मे ंजा सकते है ।  सरकारी खुदरा  महंगाई दर बढती घटती रहती है मगर उसका आंकलन सरकार अपने बनाये रेकार्डो पर करती है । सब्जियो के साथ ही मसाला, दलहन-दाले भी भाव के सिरमोर में बन गई । 

© 2021 Saurashtra Trust

Developed & Maintain by Webpioneer