सरसों की अप्रैल में भी क्रशिंग 12 लाख टन

सरसों की अप्रैल में भी क्रशिंग 12 लाख टन
जयपुर। देश में सरसों तेल की खासी मांग बनी हुई है लेकिन अप्रैल में इसकी क्रशिंग मार्च के समान हुई। अप्रैल 2021 में देश में कुल 12 लाख टन सरसों की क्रशिंग हुई। यह क्रशिंग मार्च महीने में भी 12 लाख टन थी। जबकि, देश में 30 अप्रैल 2021 को किसानों के पास सरसों का कुल स्टॉक 48.50 लाख टन होने का अनुमान है। जबकि, प्रोसेसर्स और स्टॉकिस्टों के पास आठ लाख टन सरसों का स्टॉक है। यह जानकारी मरुधर ट्रेडिंग कंपनी, जयपुर के प्रमुख अनिल चतर ने दी। 
उन्होंने बताया कि मार्च में सरसों की आवक 17.70 लाख टन हुई जबकि अप्रैल में यह आवक कोरोना की दूसरी लहर से घटकर 14 लाख टन रही। अप्रैल में हुई आवक में उत्तर प्रदेश में 2.25 लाख टन, राजस्थान में 7.75 लाख टन, पंजाब/हरियाणा 1.50 लाख टन, गुजरात 40 हजार टन, मध्य प्रदेश 80 हजार टन, पश्चिम बंगाल, बिहार एवं अन्य राज्यों में 1.30 लाख टन सरसों की आवक हुई। इस तरह फरवरी और मार्च में सरसों की कुल आवक 22.50 लाख टन हुई। चालू सीजन में सरसों की कुल उपलब्धता 86 लाख टन की है, जिसमें पिछले का बकाया एक लाख टन भी शामिल है। चालू सीजन में कुल उत्पादन लगभग 85 लाख टन का होने का अनुमान है। बीते रबी सीजन में यह उत्पादन 69 लाख टन था। 
बता दें कि सरसों की बोआई सितंबर-अक्टूबर में शुरु होती है एवं नई सरसों की आवक फरवरी से शुरु हो जाती है। मार्च से इसकी आवक में तेजी आती है लेकिन जून से ऑफ सीजन शुरु हो जाने से इसकी आवक सुस्त पड़ जाती है। देश में कुल पैदा होने वाली तिलहन में सरसों की हिस्सेदारी 25 फीसदी होती है। फसल वर्ष 2020-21 में उत्तर प्रदेश में 13.50 लाख टन, राजस्थान में 35 लाख टन, पंजाब/हरियाणा में 9.50 लाख टन, गुजरात में 4 लाख टन, मध्य प्रदेश में 8.50 लाख टन और पश्चिम बंगाल, पूर्वी भारत एवं अन्य राज्यों में 14.50 लाख टन सरसों पैदा होने का अनुमान है।

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