गुजरात में ग्रीष्मकालीन मूंगफली, तिल का बम्पर उत्पादन होने की संभावना

गुजरात में ग्रीष्मकालीन मूंगफली, तिल का बम्पर उत्पादन होने की संभावना
राजकोट। बोआई बढ़ने और मौसम अनुकूल होने से गुजरात में इस साल ग्रीष्मकालीन फसल के तहत मूंगफली एवं तिल का उत्पादन बम्पर रहने की संभावना है। गुजरात के किसानों को खरीफ सीजन सहित पिछले सीजन में मूंगफली के दाम अच्छे मिले हैं। 
गुजरात राज्य में चालू ग्रीष्मकालीन सीजन में मूंगफली की बोआई 20 फीसदी बढ़कर 60 हजार हैक्टेयर पहुंच गई जो बीते सीजन में 46800 हैक्टेयर थी। कारोबारियों का अनुमान है कि राज्य में ग्रीष्मकालीन मूंगफली का उत्पादन तकरीबन दो लाख टन होगा जबकि इसका औसत उत्पादन 1 से 1.5 लाख टन होता है। गुजरात स्टेट इडेबल ऑयल्स एंड ऑयल सीडस एसोसिएशन के प्रेसीडेंट समीर शाह का कहना है कि उत्तर गुजरात और सौराष्ट्र में पानी की उपलब्धता अधिक होने से मूंगफली की उत्पादकता में इजाफा होगा। राज्य के संयुक्त कृषि निदेशक सीएम पटेल का कहना है कि ग्रीष्मकालीन मूंगफली की क्वॉलिटी अच्छी रहने की उम्मीद है क्योंकि गर्म मौसम में कोई भी रोग या कीट नहीं लगा है। 
गुजरात में तिल की बोआई को देखें तो इस साल ग्रीष्मकालीन में यह तीन गुना बढ़कर 97800 हैक्टेयर में पहुंच गई है। जबकि, पिछले तीन साल की औसत बोआई 31 हजार हैक्टेयर थी। इस तरह तिल की बोआई 315 फीसदी बढ़ी है। आम तौर पर ग्रीष्मकालीन तिल का उत्पादन तकरीबन 11 हजार टन होता है लेकिन इस साल यह तीन गुना होने की संभावना है क्योंकि बोआई का रकबा बढ़ने के साथ साथ सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध होने से उत्पादन में इजाफा हो रहा है। कारोबारियों को चालू ग्रीष्मकालीन सीजन में 35 हजार टन से ज्यादा तिल पैदा होने की संभावना नजर आती है। 
गुजरात राज्य में इस साल ग्रीष्मकालीन बोआई दस लाख हैक्टेयर को पार कर 10.35 लाख हैक्टेयर पहुंच गई जबकि इसका तीन साल का औसत रकबा 8.01 लाख हैक्टेयर है। इस तरह बोआई का एरिया लगभग 30 फीसदी बढ़ा है।

© 2021 Saurashtra Trust

Developed & Maintain by Webpioneer