माल्ट निर्माता जून तक आयात करेंगे 60 हजार टन जौ

माल्ट निर्माता जून तक आयात करेंगे 60 हजार टन जौ
मुंबई। अल्कोहल खासकर बीयर की बढ़ती मांग और घरेलू बाजार में जौ के दामों में आए उछाल के बाद माल्ट निर्माताओं ने इसकी आपूर्ति सुगम करने के लिए आयात करने का फैसला किया है।  माल्ट निर्माताओं के मुताबिक आने वाले दिनों में अर्ज़ेंटीना से 60 हजार टन जौ का आयात किया जाएगा। इस संबंध में अर्ज़ेंटीना के साथ आयात सौदे हो चुके हैं।   
सूत्रों के मुताबिक अर्ज़ेंटीना से शीपमेंट गुजरात के अदानी पोर्ट पर जून के पहले सप्ताह में पहुंचने की संभावना है। हालांकि, सूत्रों ने इस शीपमेंट के प्राइस के बारे में बताने से इनकार कर दिया लेकिन कहा कि इसका एफओबी भाव घरेलू दाम से नीचे हें जबकि जौ की क्वॉलिटी सुपीरियर है। 
बता दें कि सप्लाई तंग होने और मांग खासी होने से जौ का भाव अप्रैल की शुरुआत से 20 फीसदी बढ़ चुका है। जौ का वर्तमान भाव 1845-1855 रुपए प्रति क्विंटल है। कारोबारियों का कहना है कि किसानों के पास जौ का स्टॉक पीक सीजन में ही कम है जिससे इसकी आपूर्ति नहीं हो पा रही है एवं अगले 10-15 दिनों में आवक पूरी तरह बंद हो जाने की संभावना है। कारोबारियों के पास भी स्टॉक सीमित है। 
राजस्थान की मंडियों में वर्तमान में जौ की दैनिक आवक मुश्किल से 100-150 बोरी (प्रति बोरी 85 किलोग्राम) है जबकि इस समय इसकी दैनिक औसत आवक 18-20 हजार बोरी होती है। जौ के भाव इस तंगी को देखते हुए आने वाले समय में 35 फीसदी से ज्यादा बढ़ सकते हैं। यह भाव बढ़ोतरी जून में होने वाले आयात से पहले हो सकती है। कारोबारियों का कहना है कि माल्ट कंपनियों ने इस तेज गर्मी में जौ की खरीद बढ़ा दी है क्योंकि बीयर की मांग में खासा इजाफा हुआ है। 
एक अनुमान के मुताबिक जौ का कुल स्टॉक तकरीबन 2.50 लाख बोरी होगा जो पिछले साल के समान समय की तुलना में आधा है। कृषि मंत्रालय के मुताबिक इस साल रबी सीजन में जौ की बोआई पिछले सीजन की तुलना में 12.1 फीसदी कम हुई और यह 684400 हैक्टेयर में हुई। राजस्थान और उत्तर प्रदेश में जौ की खेती घटी जो कि सबसे बड़े उत्पादक राज्य हैं। राजस्थान में जौ की खेती 371300 हैक्टेयर की तुलना में 326500 हैक्टेयर और उत्तर प्रदेश में 166600 हैक्टेयर की तुलना में 163100 हैक्टेयर रही।

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