आरबीआई ने छोटे कारोबारियों और बोरोअर्स को दी भारी राहत

आरबीआई ने छोटे कारोबारियों और बोरोअर्स को दी भारी राहत
नई दिल्ली । रिजर्व बैंक आफ इंडिया (आरबीआई) अपनी वन टाइम लोन रीस्ट्क्चरिंग प्लान को पुन: प्रस्तुत कर दिया है. इस योजना के तहत 25 करोड़ रुपए तक का लेनदेन रखने वाले छोटे व्यापारियों सहित एमएसएमई को लोन की रिस्ट्रक्चरिंग का सेकेंड राउंड में फायदा मिलेगा.            
दरअसल रिजर्व बैंक आफ इंडिया (आरबीआई) ने 5   मई 2021 को कोरोना की दूसरी लहर से आर्थिक मोर्च पर जूझ रहे छोटे व्यापारियों को राहत देने के लिए अहम घोषणा की है.जिसके तहत आरबीआई ने 25 करोड़ रुपए तक का कर्ज लेने वाले व्यक्तिगत  व छोटे ऊधारकर्ताओं को ऋण पुनर्गठन यानी लोन रीस्ट्कचरिंग का दूसरा मौका दिया है.ऐसे कारोबारी जिन्होंने पहले फ्रेमवर्क के तहत इसका फायदा नहीं उठाया था जो अब वह इस योजना का फायदा उठा सकते हैं.इस योजना के तहत 25 करोड़ रुपए तक का कर्ज लेने वाले छोटे व्यापारियों सहित एमएसएमई यानी सूक्ष्म,लघु व मध्यम कारोबारी संस्थाएं जिन्होंने रीस्ट्क्चरिंग का फायदा नहीं उठाया था और 31 मार्च 2021 तक लोन व स्टैंडर्ड की श्रेणी में थे जिनको लोन रीस्ट्क्चरिंग का सेकेंड राउंड में फायदा मिलेगा.जिसको लेकर आरबीआई के गवर्नर शक्ति कांत दास ने कहा कि छोटे व्यापारियों और एमएसएमई जो इस वक्त सबसे अधिक दबाव में में चर रहे हैं जिन्हें राहत देने के लिए रेजाल्यूशन फ्रेमवर्क 2.0 तैयार किया गया है.उन्होंने कहा कि इस प्रस्तावित फ्रेमवर्क के तहत रीस्ट्क्चरिंग के लिए 30 सितम्बर 2021 तक अपील की जा सकती है और इसे अगले 90 दिनों के भीतर लागू करना होगा.उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी की दूसरी लहर ने नई अनिश्चितता पैदा कर दी है.ऐसे माहौल में सबसे अधिक प्रभाव छोटे व्यापारियों,छोटे उधारकर्ताओं और एमएसएमई पर हो रहा है.उन्होंने कहा कि छोटे व्यापारी और छोटे उधारकर्ता जिन्होंने रिजाल्यूशन फ्रेमवर्क 1.0 के तहत(जिसमें दो वर्ष से कम अवधि के लिए मोरेटोरियम की छूट मिली हुई थी) लोन रीस्ट्क्चरिंग का फायदा उठाया था.हालांकि अब कर्ज देने वाली संस्थाओं को अनुमति है कि वह अब ऐसी योजनाओं के तहत मोरेटोरियम पीरियड बढाने या टेन्योर को कुल दो साल की अवधि तक बढाने का कदम उठा सकते हैं.

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