चना कमजोर : आवक बढ़ने से मूंग में नरमी

हमारे संवाददाता द्वारा  
इंदौर । स्थानीय संयोगिता गंज थोक मंडी मे रबि फंसलो की कमजोर  आंवकें हो रही है । अभी प्रशासन ने थोक दलहन-दाल मंडी को अनलॉक नही किया हे।  प्रायवेट कामकाज काबली चना 3000 बोरी, चना 500 बोरी के लगभग , तथा सोयाबीन 3000 , सरसों  30 से 35  के लगभग बोरियों के साथ ही अन्य दाल- दलहनो की भी कमजोर आंवके हो रही है  ।  इसके पीछे मांग में कमी आने की बाते व्यापारी बता रहे है।  डिब्बा व्यापार और सटोरियो की चालों के कारण एक बार फिर चना  फिर 5220 रू भाव  पर कमजोर रहा बताते है । गत् हप्ते गुरूवार को  चना हाजिर वायदे में कुछ कमजोर होना बताया जा रहा था । इससे थोक मंडियो में आंशिक मंदी का भी होना बताया गया है । दलहन बाजार दो वर्ष पुरानी आलोच्य अवधि की चाल पर कि तब , चना में और मूंग में भारी तेजी हुई थी वही इस दौर में भी चल रही है । हांलाकि आलोच्च अवधि 2017 वर्ष से लगभग सभी दलहन-दाल का भाव 25 से 40 प्रतिशत उंचा हो गया है ।  मिली खबरो के अनुसार समर्थन मूल्ये से नीचे के सौदे  व्यापारिक क्षैत्र तय कर रहे है ।  किसानो  का मूल्य नही मिल रहा है । सरकारी ऐजेंसियो का माल कमजोर आंवको की खबर से चना पुन: सटटे में तेजी की राह पकड  सकता है बताया जा रहा है ।  हांलाकि किसानो का मानना है कि तेजी अगली फसल आने के पूर्व बडे स्टाकिस्ट हलके होने  की चालों में होना बताया जा रहा है । तिलहनो में भी वर्तमान दौर यही कि किसान  अगली बोउनी के चलते माल हाथो-हाथ बेचकर अपने अगले कार्य के लिये जुट जाते है वही बडे किसान कम मूल्य पर समझौता नही कि नीति पर चल रहे है । इससे मंडियो में माल की आवके भी कम है ।   महंगाई का द्योतक व्यापार जगत्  पहले ही अपने कार्यक्रमो से अर्थात स्टॉक आाग्र  सटटा् से सरकारो को हिलाते रहे है अब किसान नीति महंगाई चर्चा में आ गई है । अच्छी पगारे हाने के बावजूद मध्यमवर्गी नौकरीपेशा सबसे अधिक महंगाई से पीसा रहा है ।उसकी बचत तो आई-गई हमेशा बनी रहती है । उनके सपने कभी पूरे नही होते है।  सटटे् के केंद्रो पर सरकार का अंकुश नही है  और दलहनो दालो में आऐ दिन मंदी कम और तेजी की जुगत जारी रहती है। आगे बरसात का मौसम है और सब्जियो की पैदावार अधिक रहेगी  तथा दलहनो की खपत अगले दो माह तक कम रहेगी ऐसी संभावना बताई जा रही है ।  इससे स्टाकिस्टो की मंशा स्टॉक पर तेजी करवाकर  हल्के होने की प्रक्रिया  पर बताऐ जा रहे है । कृषि क्षैत्रो की माने तो मुंग के उत्पादन में कमी नही है। इस वर्ष उत्पादन मुंग का अच्छा रहा बताते है और आवके बढ सकती है इससे मुंग मे कमजोरी बनती जा रही है। अच्छे उत्पादन की हवा स थमूंग के भाव इस वर्ष कमजोर होकर नया  मुंग 5700 रू और पुराना 6000-6100 रू तक होना बताया जा रहा है । सूत्रो के अनुसार सटट्वाले व्यापारीयों की बदौलत सस्ते आयातित दलहनो के भावो को  उपर के भावो पर चाल थामें रहने पर आयातको की भारी कमाई की जाने की प्रवृत्ति बनी हुई है । बहरहाल  पिछले दिनो मूंग की थोक मंडी में उपलब्धता बढती बताई जा रही होने से भाव में मंदी रही । व्यापारिक क्षैत्रो से मिली खबरो के अनुसार इस वर्ष रबि की फसल में चना की किस्मो की बेहद अच्छी पैदावार रही है ।  

© 2021 Saurashtra Trust

Developed & Maintain by Webpioneer