किराना जिंसों में तेजी : नारियल ग्राहकी के अभाव में स्थिर

हमारे संवाददाता 
इंदौर लोकल प्रशासन द्वारा  कुछ व्यापारिक क्षैत्रो को लॉक डाउन के बाद अनलॉकडाउन  सप्ताह में ती दिन की इजाजत दी गई । व्यापारियों के अनुसार यह स्थिति  सियागंज के इलाके में अन्य क्षैत्र के व्यापार के अनुसार उचित नही रहेगी  अर्थात व्यवसाय में आवागमन व्यवधान रहने के कारण किराना व्यापार के लिये पूरा समय व्यापारियो और दिसावरियों को नही मिल पाऐगा। बहरहाल थोक मंडी किराना व्यापार तो शुरू हो गया । लोकल कालोनी वाले व्यापारियो की मांग पूर्ति तो हो ही रही है।  जिसमे ग्राहकी  सामान्य  चल रही  है।  आचार मसालो का सीजन है इससे अचार मसालो में मांग का होना बताया जा रहा है । व्यापारिक क्षैत्रो से मिली खबर के अनुसार लगातार  त्याहोरी सीजन रहने से आगे व्यापार सामान्य ही रहेगा अगर कोई महामारी अनुचित नही हुई तो । आगे सावन मास की उपभोक्ता ग्राहकी भी अभी से तैयारी में है बताऐ जा रहे है। नारियल में अभी व्यापारिक मांग का भी अभाव रहने से नारियल जो कि 1850 रू भाव तक हो गया था गत् हप्ते व्यापारिक मांग अभाव  से स्थिर रहा ।  भाव 250 भरती का 1850 रू तक होना बताया गया है।  हांलाकि खोपरागोला 202 से 215 रू  और बुरा का भाव उपरी भाव  2600 से 3300 रू और व्हील का भाव  4200 रू था ।  साबुदाना  गत् वर्ष से  उंचे भाव थोक में  4400-5600 रू किलो तक  था ।  साबुदाना में ताजा मांग नही निकलने यह स्थिर में बताया जा रहा था । एक किलो पेक में  वरलक्ष्मी का भाव 5440 और सच्चामोती का भाव  5475  रू तक बताया गया ।  छोटे व्यापारियों के हवाले से  शक्कर मिलो के  और उनके  शेयरो  के  सटटे् के फायदे के लिये  डिब्बा हमेशा तेजी-मंदी की राय देता रहा है । गत् वर्ष से  शेयर बाजार का आम निवेशक कुछ कंपनियों के साथ ही शक्कर कंपनियो के शेयर पर भारी आंसू बहा रहा है । कई निवेशक भाव नही बढने की कवायद पर शेयर छोड चुके थे मगर इस वर्ष  शक्कर कंपनियो के शेयरो में भारी उछाल आया है । इसके पीछे गत् छ: माह से  बढे शक्कर के भाव  से कंपनियो का भारी फायदा हुआ है।  माकर्कअ में थोक भाव पिदले कई माहो से 3350-3450 रू तक बने हुऐ थे । लॉकडाउन मे ंखपत कमजोर और स्टॉक बए जाने से भाव  गत् हप्ते शक्कर के कुछ मंदी में रहे । भाव थोक शक्कर का 3350 से 3375 रू तक होना बताए जा रहे थे।  शक्कर बनने पर बाय प्रोडक्ट के रूप में मालेसेस निकलता है जो कि कामधेनू पोडक्ट है वह प्रोडक्ट शराब कंपनियो को भारी भाव उपज कराता  है। शराब कंपनियां राजनीति चालो सें खूब फलफूल रही है और  मालामाल  है । शराब कंपनियो के शेयर भाव इस वर्ष दूगने से अधिक हो गये है। उनके अनुसार भारत में  सबसे अधिक हाजिर व्यापार बिगाडने में  सरकारी नीति और सटट्बाजो का बोलबाला बताया जा रहा है।  इससे जनता की यही राय कायम हो रही है कि शक्कर पर अब अधिक मंदी की संभावना कमजोर है ।  

© 2021 Saurashtra Trust

Developed & Maintain by Webpioneer