यार्न की तेजी से परिधानों के भाव में होगी वृद्धि

हमारे संवाददाता
अचानक आई आंधी-तूफान और बरसात से उद्यमियों को काफी नुकसान हुआ। माल तो खराब हुआ ही, उसके साथ अन्य दुविधाएं भी खड़ी हुई। वैसे इस क्षेत्र के उत्पादकों को अनायास खड़ी होने वाली ऐसी समस्याओं के समाधान के अभ्यस्त ही समझा जाता है। कोरोना महामारी से पसरी विसंगतियों से बालोतरा वत्र रंगाई-छपाई उद्योग को भारी झटका लगा है। एक तरफ माल चालानी पर अंकुश सा लग गया, क्योंकि दिशावरी मंडियां आतंक के छाये में है। न तो व्यापारी दुकानें खोल पा रहे है और न ही ग्राहक घर छोड़ कर कपड़ा खरीदने में समर्थ हो रहे है। बकाया भुगतान प्राप्त करने के लिये उत्पादक तकादा भी नहीं कर पा रहे है, इससे रकम की आवक कमजोर बनी हुई है। ग्रे क्लोथ उत्पादक कई मंडिया या तो बन्द स्थिति में आ गई है अथवा उत्पादन वहां नगण्य सा हो गया है। इस कारण ग्रे के भावों में तेजी का रुख बन गया है। वैसे भी यार्न की तेजी से भावों का बढ़ना स्वाभाविक लगता है।
कतिपय मण्डियों में पापलीन की लेवाली सुधरी जाने से औद्योगिक क्षेत्र में पुन: हलचल नजर आने लगी है। उद्यमियों को परेशानी श्रमिकों की कमी से ज्यादा आ रही है। कोरोना के कारण जो श्रमिक कूच कर गये वे अभी तक लौटे नहीं है। उत्पादक उनको बुलाने के लिये सभी सुविधायें मुहैया करा रहे है। फिलहाल फोल्डिंग, पैकिंग, फिनिश पेडिंग, मर्सराईजिंग आदि स्टेजो पर मजदूरों की कमी से एक दूसरे लिंक्ड सभी कार्य विलम्बित हो रहे है । लॉक डाउन में पर्याप्त ढील से लगता है कि अगले सप्ताह से औद्योगिक कार्य प्रक्रियाएं गति पकड़ने में समर्थ बन सकेगी।
बालोतरा वत्र उद्योग लम्बे समय से प्रदूषण की समस्या से झूंझता रहा है। इस सरदर्द के कारण कई बार उत्पादन बन्दी की नौबत आई, विगत समय में उद्यमियों को अपनी क्षमता का मात्र चालीस प्रतिशत उत्पादन लेने को मजबूर होना पड़ा। उद्यमहित कार्य करनेवाले प्रबुद्ध व्यक्तियों की अथक निरंतर मेहनत के परिणामस्वरूप जो परियोजना असली रूप ले पाई वह निस्देह वरदान स्वरूप है। इसके परिणामस्वरूप  स्थानीय वत्र उद्योग की गुणवत्ता में तो चार चांद लगेंगे साथ ही विकास के अनवरत अध्यायों से जुड़ने का मौका मिलेगा। कई उद्योग जो सीईटीपी से जुड़ने से अब तक महरूम रहे उन्हें अपने उत्पादन में राहत अनुभव करने का मौका मिलेगा।
132 करोड़ की लागत से बनी इस 18 एमएलडी जेड एल डी परियोजना का उद्घाटन एवं लोकार्पण वर्चुअल माध्यम से केद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी, उद्योग मंत्री प्रसादीलाल मीणा, वन एवं पर्यावरण मंत्री सुखलाल बामणिया ने किया। इस अवसर पर केद्रीय कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी, विधायक मदन प्रजापत, पूर्व मंत्री अमराराम चौधरी, परिषद् सभापति, सुमित्रा जैन, ट्रस्ट अध्यक्ष रमेश गोलेच्छा के साथ नगर के वरिष्ठ उद्यमी व अन्य ट्रस्टी आदि उपस्थित रहे। केद्र कपड़ा मंत्री के साथ अन्य वक्ताओं ने बालोतरा के वत्र रंगाई छपाई के उत्थान में हर संभव योगदान की भावना को व्यक्त किया। इसके वैश्विक पहलुओं को भी पेश किया गया। उद्यमियों ने इस अवसर पर अपार खुशी का इजहार किया, आखिर इस परियोजना ने इस क्षेत्र की समृद्धि को संजीवन देने की पहल की है। कार्यक्रम का क्रमबद्ध पद्यात्मक कलेवर के साथ सकल एवं आकर्षक संयोजन करने का श्रेय प्रमेद्र बाफना को रहा।

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