रेडीमेड वस्त्रों की पश्चिमी देशों में निर्यात सुधरने की उम्मीद

रेडीमेड वस्त्रों की पश्चिमी देशों में निर्यात सुधरने की उम्मीद
डालर की तुलना में रुपए की मंदी से निर्यातकों को होगा लाभ
रमाकांत चौधरी
नई दिल्ली । अमेरिकी डालर की तुलना में भारतीय रुपए टूटकर तिहतर रुपए के आसपास रह गया है.जिससे भारतीय रेडीमेड वस्त्रों की निर्यात पड़तल सुधरेगी.जिसको लेकर पश्चिमी देशों जैसे कि अमेरिका और यूरोपीय देशों के निर्यातकों की तरफ से ताजा हालात को देखते हुए भारतीय रेडीमेड वस्त्रों को लेकर ताजा आर्डर देने पर चौतरफा ध्यान केद्रित करना शुरु कर दिया है और आगे भारतीय रेडीमेड वस्त्रों में नए आर्डर देने शुरु करने की ऊम्मीद बंध रखी है.जिससे भारतीय रेडीमेड वस्त्रों के निर्यातकों के समक्ष सकारात्मक रुख बन गया है. दरअसल चालू वित्त वर्ष के प्रथम दो माह बीत चुके हैं और भारतीय रेडीमेड वस्त्रों के निर्यात मोर्चे पर नरमी का रुख रहा है.जिससे भारतीय रेडीमेड वस्त्रों के समक्ष कमोबेश निराशा का माहौल बना रहा है.बहरहाल अब अमेरिकी डालर की तुलना में भारतीय रुपए का मूल्य घटकर तिहतर रुपए के आसपास रह गया है.जिससे भारतीय निर्यातकों को रेडुमेड के नीर्यात में पड़तल लगने लगी है.ऐसे में पश्चिमी देशों में जैसे कि अमेरिका और यूरोपीय देशों के निर्यातकों की भारतीय रेडीमेड वस्त्रों की बाजार पर तिरछी नजर है और ताजा हालात बनने से आगे नए आर्डर देने का मन बना रहे हैं.वैसे भी पश्चिमी देशों में कोरोना महामारी काफी हद तक काबू में है और भारत में भी कोरोना महामारी पर कमोबेश किफी हद तक काबू होने लगा है.जिससे भारतीय रेडीमेड वस्त्रों में आगे निर्यात के मोर्चे पर सकारात्मक रुख बनने के आसार है.जिसके तहत भारतीर निर्यातकों की तरफ से रेडीमेड वस्त्रों के उत्पादन के मोर्चे पर गतिविधियां बढाने को लेकर सक्रिय हो रखे हैं ताकि आगे रेडीमेड वस्त्रों के निर्यात को सुधारा जा सकेगा. जिससे रेडीमेड वस्त्रों के उत्पादन से लेकर निर्यात मद में केद्र और राज्य सरकारों के राजस्व में सुधार का मार्ग प्रशस्त हो सकेगा.वहीं रेडीमेड वस्त्रों के उत्पादन से लेकर विपणन के क्षेत्रों में कार्यरत डिजाइनर, कारीगरों, कामगारों आदि को रोजगार के अवसर बढ सकेंगे.

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