सूरत से बिहार के मुज़फ्फरपुर के लिए प्रथम पार्सल ट्रेन सेवा शुरू

कपड़ा व्यापारियों की एक और मांग पूरी
सूरत। कोरोना के मुश्किल समय से कपड़ा उद्योग उभर रहा है। ऐसे में सरकार द्वारा राहत के लिए कुछ निर्णय लिए जाते हैं तो उद्यमियों में व्यापार के लिए नई उम्मीद का संचार होता है। हालही में ऐसा कुछ देखने को मिला। रेलवे ने बरसों से की जा रही कपड़ा व्यापारियों की पार्सल ट्रेन की मांग पूरी की है। सूरत के उधना रेलवे स्टेशन से बिहार के मुजफ्फरपुर तक की एनएमजी टेक्सटाइल के पार्सल की ट्रेन सेवा शुरू की गई है। 
रेलवे राज्य मंत्री दर्शना जरदोष के हाथों ट्रेन को हरी झंडी दी गई थी। इस समय बड़ी संख्या में कपड़ा व्यापारी और कपड़ा संगठन के पदाधिकारियों ने उपस्थित रहकर ट्रेन सेवा शुरू होने का आनंद व्यक्त किया था। 
मंत्री दर्शना जरदोष ने कहा कि, पश्चिमरेलवे द्वारा टेक्सटाइल उद्योगों के लिए ये नई शुरुआत, कपड़ा और टेक्सटाइल जगत को ज्यादा प्रगतिशील और वेगवान बनाएगी ऐसा उनका मानना है। रेलवे के सभी विभागों के अधिकारीयों ने फिर एक बार साबित कर दिया है की उद्योगों की प्रगति के लिए रेलवे हमेशा अग्रसर रहा है। 
सूरत से कपड़ों को बिहार तक पहुंचाने के लिए 25 डब्बे की पहली खास कपड़ा पार्सल ट्रेन शुरू की गई है। जो 4 सितम्बर को सूरत से बिहार के लिए रवाना हुई थी। पश्चिम रेलवे के अधिकारियों ने बताया की, कपड़ा उद्योग को सस्ते, तेज और सुरक्षित ट्रांसपोर्ट की सौगात मिली है। सूरत के कपड़ा बाजार को वेग देने हेतु पार्सल सेवा शुरू की गई है। 
सूरत के उधना न्यू गुड्स शेड से पटना के पास दानापुर और मुज़फ्फर नगर के रामदयालु नगर के लिए इस ट्रेन को खास हरी झंडी दिखा के रवाना किया गया था। 
उधना न्यू गुड्स शेड में एनएमजी डिब्बे में पहली बार कपड़े के पार्सलों को लोड किया गया है। थोड़े दिन पहले पश्चिम रेलवे के मुंबई विभाग ने 202. 4 टन टेक्सटाइल सामग्री को चलथान से कोलकाता पहुंचाया था। 
कपड़ा व्यापारियों का मानना है की रोड ट्रांसपोर्ट से ज्यादा रेलवे में सुरक्षित तरीके से माल वहन हो सकता है। जैसे-जैसे व्यापारियों को इस बारे में जानकारी मिलती जाएगी वैसे ही बुकिंग बढ़ता जाएगा। 
वर्तमान में तो बिहार माल भेजने वाले रिंगरोड के व्यापारियों ने बिहार की ट्रेन के लिए दिवाली के बड़े ऑर्डरों की बुकिंग करवाई है। 

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