उत्पादकता बढ़ाना डेयरी क्षेत्र के लिए सबसे बड़ी चुनौती

हमारे संवाददाता
नई दिल्ली । पशुधन व डेयरी क्षेत्र की वार्षिक विकास दर 8.5 प्रतिषित से भी अधिक होने के चलते इस क्षेत्र में विकास की ढेरी सारी संभावनाएं है।जिसके वैज्ञानिक दोहन की जरुरत है।इससे किसानों और पशुपालकों की आमदनी में सुधार होगा और देश की अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी।बहरहाल पशु चारा की आपूर्ति बढाने और पशु चिकित्सा की हालत में तत्काल सुधार की जरुरत है।इस सारने मुद्दों पर राज्यें के साथ चर्चा करने के लिए केद्रीय पशुधन और डेयरी मंत्री पुरुषोत्तम रुपाला ने 6 सितम्बर 2021 को राज्यों के पशुधन व डेयरी व वेटनरी मंत्रियों की वर्चुअल बैठक बलाई थी।
इस बैठक की शुरुआत करते हुए केद्रीय पशुधन और डेयरी मंत्री पुरुषोत्तम रुपाला ने केद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तार से बताते हुए चरणबद्व तरीके से इसमें आगे बढने की अपील की।चूंकि पांच वर्ष बाद बुलाई गई इस बैठक में रुपाला के साथ मंत्रालयों के राज्य मंत्रियों में डॉ.संजीव बालियान और डॉ.एल.मुरुगन ने हिस्सा लिया।इस दौरान रुपाला ने राज्यों से कहा कि इस सेक्टर के विकास के लिए राज्यों को केद्र के साथ हाथ मिलाकर चलना होगा।वहीं बालियान ने राज्यों से वेटलरी ढांचा क्षेत्र में तत्काल पहल की अपील की।वहीं मुरुगन ने पशुधन व डेयरी उत्पादों की मांग में होने वाली वृद्वि का जिक्र करते हुए कहा कि यह क्षेत्र संभावनाओं से भरा हुआ है।इस दौरान मंत्रालय ने प्रजेंटेशन में पशु चिकित्सा के लिए मोबाइल वेटनरी क्लीनिक का प्रस्ताव रखा है।जिसके माध्यम से 10 करोड़ पशुपालकों व किसानों तक पहुंचने की बात कही गई है।

© 2021 Saurashtra Trust

Developed & Maintain by Webpioneer